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लौहंगापुर जंगल के बाद अब रजमना गांव में बाघ की दहशत

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खुटार। सिहुरा बीट के लौहंगापुर जंगल के बाद गांव रजमना में बाघ देखे जाने से गांव के लोग दहशत में हैं। मंगलवार सुबह कुछ ग्रामीणों ने गांव के तालाब के पास बाघ देखे जाने का दावा किया। इसकी सूचना वनकर्मियों को भी दी। इसके बाद भी कोई वनकर्मी छानबीन के लिए नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में रोष है।
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एक सप्ताह पूर्व लौहंगापुर जंगल और आसपास के गांवों में बाघ देखे जाने की जानकारी पर डीएफओ आदर्श कुमार ने मौका मुआयना किया था। बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए कैमरे भी लगवाए थे। इसके बाद गांव भरकलीगंज में दो लोग वन्य पशु के हमले में घायल हो गए थे। गांव के कुछ लोग बाघ तो कुछ लोग भालू के हमले की बात कर रहे थे। डीएफओ ने भालू के हमले में दो लोगों के घायल होने की बात कही थी। इसके बाद से बाघ का पता नहीं चल रहा था। गांव रजमना के प्रमोद शुक्ला, नरेंद्र शुक्ला, राजीव शुक्ला आदि ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे वे टहलने जा रहे थे। गांव से करीब तीन सौ मीटर दूर हस्तना तालाब के पास बाघ खड़ा देख देखा। इसके बाद वे तत्काल लौटे और गांव के लोगों को जानकारी दी। गांव के तमाम लोग शोर मचाते हुए तालाब की ओर गए तो बाघ पास के गन्ने के खेत में चला गया।
बताया कि सोमवार को भी कुछ लोगों ने बाघ को देखकर गांव में बताया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया था। मंगलवार को बाघ दिखा तो लोग दहशत में आ गए।
गांव रजमना में बाघ देखे जाने की कोई सूचना नहीं मिली है। वनकर्मियों को मौके पर भेजा जाएगा। पगमार्क ट्रेस कराए जाएंगे। लोग खेतों में अकेले ने जाएं। खेत पर काम करते समय आवाज करते रहे।
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- डीएस यादव, रेंजर खुटार
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