खुटार। वन विभाग की ओर से लौहंगापुर जंगल में बाघ बाहुल्य क्षेत्र का बोर्ड लगाया गया है लेकिन मंगलवार को वनकर्मी बाघ के पगचिह्न ट्रेस करने नहीं पहुंचे। इससे किसान परेशान हैं।
खुटार रेंज की सिहुरा बीट के लौहंगापुर जंगल, लौहंगापुर, पुनौती गांवों के आसपास बाघ देखे जाने पर किसानों ने दयकी सूचना वन विभाग को दी थी। सोमवार को डीएफओ आदर्श कुमार खुद मौके पर पहुंचे थे और किसानों से बात करने के बाद जंगल में बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए कैमरे लगवाए थे। इस दौरान किसानों को जंगल नहीं जाने और खेतों में एक साथ काम करने की सलाह भी दी गई थी। मगर मंगलवार को कोई अधिकारी बाघ की लोकेशन जानने और किसानों की सुध लेने नहीं पहुंचा। किसान प्रभजोत सिंह ने बताया कि बाघ खेतों तक आ जाता है, जिस कारण श्रमिक खेतों में काम करने से कतराने लगे हैं। वन अधिकारियों को बाघ को घने जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास करना चाहिए। मगर वन विभाग ने सिर्फ बाघ बाहुल्य क्षेत्र का बोर्ड लगाकर पल्ला झाड़ लिया है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व से लेकर नेपाल तक जुड़े हैं जंगल
खुटर रेंज के जंगल पीलीभीत टाइगर रिजर्व से लेकर खीरी वन प्रभाग होते हुए दुधवा नेशनल पार्क और नेपाल के जंगलों तक जुड़े हुए हैं। इस कारण खुटार के जंगलों में अक्सर बाघ, तेंदुआ आदि आते जाते रहते हैं। गन्ने की फसल विस्तृत क्षेत्रफल में होने के कारण बाघ गन्ने में भी रहते हैं।
बाघ पर कैमरों के माध्यम से नजर रखने का प्रयास किया जा रहा है। जंगल के आसपास के लोगों को भी जागरूक किया गया है। बाघ के मूवमेंट के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीएस यादव, वन क्षेत्राधिकारी, खुटार रेंज