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Shahjahanpur News: सेवा व दान से सात्विक गुणों का होता है उदय

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जलालाबाद में अखिल भारतीय सोअहम महामंडल के तत्वावधान में आश्रम में सम्मेलन में मौजूद संत। संवाद
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जलालाबाद। अखिल भारतीय सोअहम महामंडल की ओर से सोअहम आश्रम में चल रहे संत सम्मेलन के अंतिम दिन शनिवार को सोअहम पीठाधीश्वर स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि सेवा और दान करने से मन शुद्ध होता है। मन शुद्ध होने पर करुणा, दया, प्रेम, परोपकार आदि सात्विक गुणों के उदय से भगवान के स्मरण और उनके चरणों के प्रति अनुराग उत्पन्न होता है।
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उन्हाेंने कहा कि दान के माध्यम से समाज में प्रेम और समरसता की भावना का विकास होता है। वृक्ष सदैव दान करते रहते हैं । नदियां भी सदैव परोपकार करती रहती हैं। प्रकृति के इन सभी संसाधनों की दान की प्रवृत्ति से हम सभी को सीख लेने की जरूरत है। प्रवचन शृंखला को आगे बढ़ाते हुए स्वामी प्रीतमदास ने रामराज्य की विशेषताओं की विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा कि उस काल में सभी बराबर थे और अधर्म का लेशमात्र भी प्रभाव नहीं था।
स्वामी शिवानंद ने भगवान क़ी भक्त वत्सलता और करुणा का वर्णन करते हुए अनेक प्रसंग सुनाए और सभी को भगवान के प्रति अनुराग बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
इसी कड़ी में स्वामी सच्चिदानंद और भगवान परशुराम मंदिर के महंत पंडित सत्यदेव पांडेय ने अपने प्रवचनों के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया। मंच का संचालन स्वामी नारायणानंद ने किया। सत्संग के समापन पर आरती कर सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान आयोजक प्रमोद गुप्ता, वेदप्रकाश गुप्ता, रमेश गुप्ता, निखिल गुप्ता, गोपाल , राधाकृष्ण, विशंभर, किरणेश प्रधान आदि मौजूद रहे।

जलालाबाद में अखिल भारतीय सोअहम महामंडल के तत्वावधान में आश्रम में सम्मेलन में मौजूद संत। संवाद

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