मिर्जापुर। गंगा की बाढ़ से गत डेढ़ माह से घिरे तटवर्ती इलाकों के गांवों में अब बुखार का प्रकोप जानलेवा हो गया है। मच्छरों और दूषित पानी से अन्य संक्रामक बीमारियां भी विकराल रूप लेने लगी हैं। ऐसे में अलग-अलग गांवों में बुखार से तीन मासूमों की मौत हो गई।
आजादनगर निवासी राजू की छह वर्षीय बेटी नेहा की सोमवार सुबह तेज बुखार से मौत हो गई। दोपहर को इस्लामनगर निवासी बाबू के सात वर्षीय पुत्र मेराज की अचानक पेटदर्द से तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे इलाज के लिए ले जाने की तैयारी ही कर रहे थे कि उसकी सांसें थम गईं।
सोमवार की शाम बाढ़ प्रभावित पैलानी उत्तर गांव में ओमसिंह कुशवाहा के तीन वर्षीय पुत्र रामसेवक की बुखार से मौत हो गई। घरवालों के अनुसार उसे गत पांच दिन से बुखार आ रहा था।
बुखार आने से बरेली में भर्ती खुदागंज के दंपती की भी जान गई
खुदागंज। बुखार आने पर बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराए गए परमानंदपुर गांव के दंपती की सोमवार रात मामूली अंतराल में मौत हो गई। गांव मे एक साथ दो मौतों से मातम पसर गया है।
परमानंदपुर निवासी विपिन गंगवार ने बताया कि पिता महेश पाल (45 वर्ष) और मां देवकी देवी (42 वर्ष) को कुछ दिन पहले बुखार आ गया था। कई दिन इलाज के बावजूद हालत नहीं सुधरने पर दोनों को बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया। सोमवार शाम मां की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर ने ग्लूकोज चढ़ाया। कुछ देर बाद पिता की हालत भी बिगड़ने लगी। रात में पिता के कहने पर उन्हें टायलेट लेकर गए, लेकिन वहां उनकी सांसें थम गईं। पिता की मौत की बात सुनने से मां को सदमा लगा। थोड़ी देर बाद उनकी भी मौत हो गई। संवाद
मिर्जापुर क्षेत्र में एक बच्ची की बुखार से मौत की जानकारी हुई है। शेष के बारे में जानकारी कर रहे हैं। बाढ़ग्रस्त इलाके में टीम को लगाया है। नाव से टीम पहुंचकर मरीजों की जांच कर दवा दे रही है।
- डॉ. विवेक मिश्रा, सीएमओ