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Shahjahanpur News: सिपाहियों से मिलकर सराफा व्यापारी को फंसाने की साजिश में तीन गिरफ्तार

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जलालाबाद पुलिस की गिरफ्त में तीन आरोपी। स्रोत: पुलिस
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जलालाबाद (शाहजहांपुर)। सराफा व्यापारी से चार सिपाहियों के रंगदारी वसूलने के मामले में पुलिस ने साजिश में शामिल तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विवेचना में सामने आया कि सराफ आरोपियों की आवाज पहचान सकता था, इसलिए दूसरे व्यक्ति से उसे फोन कराया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 14 हजार रुपये और मोबाइल बरामद किए हैं। चौथा आरोपी अभी भागा हुआ है।
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छह सितंबर को मोहल्ला कानूनगोयान निवासी सराफा व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय ने तिलहर थाने में तैनात सिपाही अरुण चित्तौड़िया, पंकज, तुषार और वीरेंद्र पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सराफ ने बताया था कि चार सितंबर की रात मादक पदार्थ रखकर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई थी। बाद में बिरियागंज चौकी ले जाकर प्रताड़ित करने के बाद दो लाख रुपये लेकर छोड़ा गया। एसपी ने चारों सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। सिपाही पंकज व वीरेंद्र को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था।
सीओ जलालाबाद दीपक कुमार सिंह ने बताया कि कस्बे के रहने वाले अनमोल और एक अन्य आरोपी ने सुंदरम की जानकारी पुलिसकर्मियों को दी थी। इसके बाद अनमोल के इशारे पर आयुष पांडेय ने सचिन राठौर से सुंदरम को फोन कराया। दस हजार रुपये का सामान खरीदने की बात कहकर उसे सरैया मोड़ बुलाया गया। वहां पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर बिरियागंज चौकी पहुंचाया और परिजनों से रुपये लाने के लिए कहा।
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पुलिस की गिरफ्त से भागे चल रहे आरोपी ने ही सुंदरम के परिजनों और पुलिसकर्मियों के बीच रुपये का सौदा कराया था। बाद में पुलिसकर्मियों ने सभी को हिस्सा बांटा। पुलिस ने सुभाषनगर निवासी अनमोल, आयुष पांडेय और सदुल्लागंज निवासी सचिन राठौर को गिरफ्तार किया है। चौथे आरोपी की तलाश की जा रही है।

भागे चल रहे दो सिपाहियों को नहीं ढूंढ़ पा रही पुलिस
दो सिपाही जेल भेजे जा चुके हैं। सिपाही अरुण चित्तौड़िया और तुषार की तलाश में दिल्ली गई पुलिस टीम अभी वापस नहीं आई है। पुलिस अपने ही सिपाहियों की गिरफ्तारी नहीं कर पा रही है। आरोपी सिपाहियों के मोबाइल बंद हैं।

सात-आठ दिन से बना रहे थे योजना

सीओ दीपक सिंह के अनुसार, इस मामले को अंजाम देने की योजना सात-आठ दिन से चल रही थी। अनमोल से बात होने के बाद वांछित आरोपी ने इस योजना में सचिन राठौर और आयुष पांडेय को भी शामिल किया। आयुष ने ही अपने नये सिम से काॅल कर सुंदरम को बुलवाया। इस दौरान अनमोल की सिपाही अरुण चित्तौड़िया और पंकज से कई बार फोन से बात हुई। घटना वाले दिन भी अनमोल ने ही दोनों सिपाहियों को फोन कर बुलाया। काम हो जाने के बाद किसको कितनी रकम मिलेगी, यह भी तय हो गया था। पूरे मामले को आयुष ने डील किया। पकड़े गए आरोपियों के बयानों में राशि के बंटवारे को लेकर विरोधाभास है। वांछित आरोपी के पकड़े जाने के बाद कई और बातें साफ होंगी।
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प्रकरण में संलिप्त तीन आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। एक अन्य आरोपी व दो सिपाहियों की गिरफ्तारी के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

- सौरभ दीक्षित, एसपी
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