तिलहर। गांव ग्वार में धान की पराली जलाने से निकली चिंगारी से करीब तीन एकड़ गन्ने की फसल जलने का आरोप लगाया गया है। मंगलवार को गेंदनलाल, बेचेलाल, दलसिंह और भगवान दास समेत कई ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर तहरीर दी। उन्होंने पराली जलाने वाले के खिलाफ कार्रवाई, जुर्माना लगाने और फसल के नुकसान की भरपाई कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि उनके खेत दोषपुर उर्फ हवेली उर्फ बलेमा क्षेत्र में हैं। आरोप है कि रविवार दोपहर एक व्यक्ति ने अपने खेत में धान की पराली जलाई थी। इससे निकली चिंगारी आसपास के खेतों तक पहुंच गई और करीब तीन एकड़ गन्ने की फसल जल गई। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने पर संबंधित व्यक्ति ने गाली-गलौज करते हुए विवाद करने का प्रयास किया। सीओ विदुष सक्सेना ने बताया कि जांच के लिए पुलिस टीम मौके पर भेजी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
14 बीघा गन्ने की फसल जली, किसानों को नुकसान
तिलहर। क्षेत्र के गांव कपसेंडा में बिजली के तारों से निकली चिंगारी से गन्ने के खेत में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 14 बीघा गन्ने की फसल जलकर बर्बाद हो गई। किसान प्रदीप शर्मा की 10 बीघा और सत्यपाल राठौर की चार बीघा फसल आग की चपेट में आई।
ग्रामीणों के अनुसार, बिजली की लाइन पर अचानक चील आ जाने से चिंगारी निकली और खेत में जा गिरी, जिससे आग लग गई। आग बढ़ती देख ग्रामीणों ने एकजुट होकर काफी मशक्कत के बाद उस पर काबू पाया। किसानों ने लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस और दमकल की टीम मौके पर नहीं पहुंची। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता कृष्ण गोपाल अग्रवाल ने बताया कि घटना की जांच के लिए टीम भेजी गई है। टीम आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।