बुधवार को यहां जिलाधिकारी विजय किरन आनंद की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस के दौरान कुल 310 शिकायतें प्रस्तुत हुईं और उनमें से छह तुरंत निस्तारित कर दी गईं। इसी दौरान कुल 30 विकलांगों के विकलांग प्रमाण पत्र सीएमओ ने बनाकर जारी किए। मौके पर ही एक विकलांग समेत दो लोगों को डीएम ने समाजवादी पेंशन दिलवाई। जमीन पर हो रहे कब्जे संबंधी पहुंची शिकायतों पर गंभीर संज्ञान लेते हुए उन्होंने राजस्व टीमों को पुलिस के साथ मिलकर साझे तौर पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा। कहा कि पहली बार कब्जा हटवाने के बाद दोबारा कब्जा करने वाले के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेजें।
इसी दौरान गांव पुनिया नवावाद में ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जा हटाने के बाद दोबारा कब्जा होने की पहुंची शिकायत पर एसडीएम को संबंधित पर एफआईआर दर्ज कराते हुए जेल भेजने को कहा। साथ ही तहसील क्षेत्र में वक्फ की जमीन पर हुए अवैध कब्जों के मामलों में तहसीलदार और थानाध्यक्ष को मौके पर प्रापर्टी को कब्जा मुक्त कराने को कहा। जलालाबाद नगर क्षेत्र में बाजार, चौराहों, अस्पताल और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर शौचालय न होने की नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी की क्लास ली। उन्हें एसडीएम से इस संबंधी अनुमोदन प्राप्त कर शौचालय बनाने को कहा। उन्होंने सात दिनों में शिकायतों का निस्तारण कर फरियादी से मोबाइल पर वार्ता करने को कहा और अगर वह निस्तारण से संतुष्ट ना हो तो दोबारा मौके पर जांच करने को कहा। उन्होंने कहा कि एक ही समस्या को लेकर फरियादी कई बार तहसील दिवस में आता है जिसके मायने साफ होता है कि संबंधित विभागीय अधिकारी गंभीरता से काम नहीं कर रहे। अब से ऐसे अधिकारियों के लिए कार्यवाही के लिए शासन को लिखा जाएगा। इस दौरान एसपी डॉ. ंमनोज कुमार, सीएमओ डॉ. कमल कुमार, एसडीएम वंदना त्रिवेदी आदि मौजूद थे।
रजिस्ट्रेशन स्थल पर डीएम के पहुंचने से मचा हड़कंप
तहसील दिवस में शिकायत सुन रहे डीएम को किसी ने बुधवार को बता दिया कि बाहर फ रियादियों की भारी भीड़ मौजूद है परंतु प्रार्थना पत्र का रजिस्ट्रेशन कराये जाने के नाम पर उन्हें बेवजह रोका जा रहा है। इतना सुनते ही डीएम उठकर सीधे मौके पर जा पहुंचे। उनके सीट छोड़ते ही सभी अधिकारी उठ खड़े हुये और वहां हड़कंप की स्थिति बनी। लोग समझ नहीं पाये कि आखिर डीएम कहां चल दिये। इसके बाद उन्होंने रजिस्ट्रेशन कर रहे कर्मचारियों से कहा कि सभी को बिना रजिस्ट्रेशन के ही आने दो। डीएम के इस आदेश से फरियादी खुश हो गये। इसके बाद वह अंतिम फरियादी की समस्या सुनने तक सीट पर बैठे रहे।
बकाया भुगतान दिलाने को ग्रामीण डीएम से मिले
जलालाबाद। डीएम की तेजतर्रार कार्यशैली के चलते काम हो जाने की आस लगाकर गांव भुलभुलागंज के तमाम किसान बुधवार को उनसे मिले और अपनी व्यथा सुनाकर पैसा दिलावाये जाने की मांग की। पूर्व में इन पीड़ितों ने तहसील पर सामूहिक प्रर्दशन कर विरोध भी जताया।
उक्त गांव के रामपाल, श्रीपाल, भूरे लाल, नेतराम, मोहन लाल, सुरेश, कुशाल आदि ने डीएम को बताया कि बीते सीजन में उन लोगो ने अपनी आलू की फसल सपा नेता के कहने पर मंडी मे स्थित उसके पुत्र की आढ़त पर बेच दी। फसल बिक्त्रस्ी का भुगतान छह सात दिन के अंदर करा देने का आश्वासन दे दिया गया उसके बाद से अब तक वह लोग बराबर चक्कर काट रहे है परंतु भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि कुछ दिन पहले भुगतान मांगने पर उन लोगो के साथ आरापियो ने गाली गलौज कर भगा दिया गया और कहा कि दुबारा पैसे मागने आये तो झूठे मुकदमे में जेल भिजवा देंगे। डीएम ने जांच कराकर कार्यवाही का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराकर वापस भेजा।