फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांटेदार झाड़ियों में बिलखती मिली नवजात ‘मातृ शक्ति’

Mon, 05 Oct 2015 08:53 PM IST
शाहजहांपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
ममता को ताक पर रखकर किसी महिला ने लोकलाज से बचने की खातिर नवजात कन्या को रेती क्षेत्र में अहमदपुरा के पास कांटेदार झाड़ियों में फेंक दिया। उधर से गुजर रहा रोजा निवासी एक युवक नवजात को उठाकर निकट के काली मंदिर पर ले गया। जानकारी पाकर सपा युवजन सभा के जिला संगठन मंत्री रजनीश वर्मा अपनी पत्नी अन्नपूर्णा के साथ वहां पहुंचे। कन्या को बिलखता देख द्रवित हुए दंपति ने उसे बेटी की तरह अपना लिया।
विज्ञापन

हुआ यह कि रोजा की हांडा कॉलोनी के रहने वाले सुभाष चंद्र त्रिवेदी शनिवार को किसी काम से शहर की ओर आ रहे थे। नियाजपुर से अहमदपुर की ओर बढ़ने पर उन्हें रेती क्षेत्र में सड़क के किनारे झाड़ियों से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने बाइक रोकर झाड़ियों की ओर निगाह डाली तो अवाक रह गए, क्योंकि वहां एक नवजात शिशु कपड़ों में लिपटा पड़ा था।
सुभाष ने शिशु को लपककर गोद में उठाया तो वह नवजात कन्या निकली। झाड़ियों के कांटे लगने से फूल जैसी कन्या के चेहरे पर खरोंचों के निशान देख सुभाष द्रवित हो गए। कुछ समझ में नहीं आया तो उन्होंने नवजात कन्या को तौलिया में लपेटकर नजदीक के काली मंदिर के चबूतरे पर रख दिया। कुछ ही देर में वहां लोगों का मजमा जुट गया और सभी उस मां की लानत-मलामत में जुट गए जिसने कलेजे के टुकड़े से इतनी निष्ठुरता बरती।
विज्ञापन

उधर, लावारिस बच्ची मिलने की सूचना पाकर बहादुरगंज में रह रहे सयुस नेता रजनीश वर्मा के दिल में बेटी की चाहत हिलोरें मारने लगी। हालांकि, उनका इकलौता बेटा इंद्रसेन अभी तीन माह का है, लेकिन पत्नी अन्नपूर्णा को इस बारे में बताया तो वह भी उसे बेटी का दुलार देने को लालायित हो उठीं। इस पर वर्मा दंपति तत्काल काली मंदिर पहुंचे और नवजात कन्या को पालने के लिए अपनी गोद में उठाकर उसे ‘मातृ शक्ति’ नाम दे दिया। रजनीश ने इस बारे में आज कलक्ट्रेट जाकर अफसरों को भी अवगत करा दिया है, जिससे कि भविष्य में कोई कानूनी अड़चन पैदा न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें