डीएम एवं जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत शुभ्रा सक्सेना और सीडीओ पुलकित खरे ने पंचायत चुनाव में मतदान अधिकारी प्रथम नामित किए गए निर्वाचन कर्मिकों को सेंट पाल्स इंटर कालेज में सोमवार को निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान दोनों पालियों में गैरहाजिर रहे 111 कर्मिकों को डीएम ने सात अक्तूबर तक ब्लॉक मुख्यालयों पर प्रशिक्षण न लेने की दशा में एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी।
प्रशिक्षण के तहत दोनों पालियों में प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सभी मतदान कर्मी राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों से भलीभांति अवगत हो जाएं, जिससे कि मतदान कराने की प्रक्रिया को लेकर कोई भ्रम उत्पन्न न हो। डीएम ने कहा कि यदि किसी को कोई शंका अथवा समस्या हो तो प्रशिक्षण के दौरान उसका समाधान कर लें। मतदान अधिकारी का यह दायित्व है कि यदि पीठासीन अधिकारी के स्तर से कोई कमी रह जाती है तो उसमें अपने स्तर से सुधार करें।
डीएम ने निर्देश दिए कि कोई भी मतदान कर्मी किसी भी व्यक्ति का आतिथ्य स्वीकार न करें। किसी भी कर्मिक के विरुद्ध जन साधारण से ऐसी शिकायत नहीं मिलनी चाहिए कि उसने किसी प्रत्याशी के यहां भोजन ग्रहण किया है। इसलिए पूरी कोशिश होनी चाहिए कि मतदान कार्मिक निष्पक्ष रहकर मतदान कराएं। सीडीओ खरे ने कहा कि मतदान अधिकारी और पीठासीन अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर काम करें।
दोनों पालियों में मतदान अधिकारियों और पीठासीन अधिकारियों को बैलेट बॉक्स खोलने-बंद करने और विभिन्न प्रपत्रों को भरने का प्रशिक्षण दिया गया। दोनों पालियों में समीक्षा से पता चला कि प्रथम पाली में 70 और द्वितीय पाली में 41 मतदान कार्मिक अनुपस्थित रहे। प्रशिक्षण में जिला विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, डीआईओएस कमलाकर पांडेय, बीएसए राकेश कुमार आदि अधिकारियों का सहयोग रहा।