पुवायां। बंडा के गांव चरखी देवरी पहुरैया निवासी लालबहादुर की पुत्री रोली देवी ने एसपी के निर्देश पर ढाई लाख रुपये लेकर जीएनएम का फर्जी प्रमाणपत्र देने के आरोप में पुवायां के कमल शुक्ला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रोली देवी ने एसपी को प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि वीके सिंह पैरामेडिकल कॉलेज का कार्यालय पुवायां में खुला था। वर्ष 2022 में कार्यालय में बैठने वाले पुवायां के कमल शुक्ला ने अपने को मेडिकल काॅलेज का मालिक बताकर उनको जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) में प्रवेश दिलाया। ढाई लाख रुपये फीस ली।
रोली देवी के अनुसार पढ़ाई के नाम पर कभी-कभार काॅलेज बुलाया गया और प्रथम वर्ष का फर्जी प्रमाणपत्र दे दिया गया। बाद उनको पता चला कि कॉलेज फर्जी है तो उन्होंने कमल शुक्ला से जमा राशि वापस करने के लिए कहा। इस पर कमल शुक्ला ने रसीदें फाड़ दीं और गाली-गलौज करते हुए झगड़ा करने लगा। थाना प्रभारी रवि करन सिंह ने बताया कि एसपी के निर्देश पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कर जांच कराई जा रही है।
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फर्जी इंस्टीट्यूट में 132 छात्र छात्राओं से की गई थी 45 लाख रुपये की ठगी
शाहजहांपुर के चौक कोतवाली क्षेत्र के बरेली मोड़ पर स्थित वीके सिंह पैरामेडिकल एंड नर्सिंग कॉलेज में बिना मान्यता के इंस्टीट्यूट चलाने और फीस के नाम पर 132 छात्र-छात्राओं से लगभग 45 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया था। मामले में एक आरोपी जेल भी जा चुका है।
पुवायां निवासी कमलदीप शुक्ला ने 13 दिसंबर 2024 को दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था काॅलेज में बीके सिंह, धनंजय कुमार, संतोष पाठक और श्याम शेरवानी ने उन्हें एक जनवरी 2023 से मैनेजर पद पर 15 हजार रुपये महीने वेतन देने और प्रति दाखिला पांच हजार रुपये देने की बात तय कर रखा था। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर लखनऊ के सेक्टर पांच ई वृंदावन कॉलोनी तेली बाग निवासी बीके सिंह, संतोष पाठक, श्याम शेरवानी, मऊ निवासी धनंजय कुमार लखनऊ के थाना आशियाना के रामहरि यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। नामजद बीके सिंह उर्फ बालकिशोर सिंह को 14 सितंबर को जेल भेजा गया था।
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इस तरह फर्जीवाड़े में फंसने से बचें
- फार्मेसी कॉलेज है तो पीसीआई की वेबसाइट पर कॉलेज सर्च करें।
- संस्थान मेडिकल साइंसेज है तो स्टेट मेडिकल फैकल्टी की साइट पर जाकर मान्यता देख लें।
- कॉलेज से अप्रूवल लेटर देख सकते है, जो हर वर्ष जारी होते हैं।
- एडमिशन काउंसलिंग द्वारा होते हैं, कॉलेज एप्रूव्ड नहीं है तो काउंसलिंग में नहीं आएगा।