शाहजहांपुर। सुप्रीमकोर्ट के सख्त रुख के बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर कुत्ते खतरा बने हुए हैं। रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर समेत अन्य स्थानों पर कुत्ते घूमते देखे जा सकते हैं। नगर निगम ने कुत्तों की नसबंदी शुरू करा दी है लेकिन सार्वजनिक स्थानों से कुत्तों को बाहर करने के कदम अभी नहीं उठाए गए हैं।
सुप्रीमकोर्ट की सख्ती के बाद शासन ने सार्वजनिक स्थानों से कुत्तों को हटाने के निर्देश जारी किए थे। इसमें नगर निगम और निकाय के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कुत्तों के लिए आश्रय स्थल बनाया जाना है। इसके अलावा अस्पताल, स्कूल-कॉलेज आदि में नोडल अधिकारी बनाकर कुत्तों का प्रवेश रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने हैं। अभी इसको लेकर तैयारी नहीं की गई है।
पुराने जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई जाती है। कुत्ते और बंदरों के काटे लगभग सौ लोग रोजाना यहां पर वैक्सीन लगवाने पहुंचते हैं। इसके अलावा नगर निगम में रोजाना कई शिकायतें कुत्ते और बंदरों को लेकर पहुंचती हैं।
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रोजाना 20 से 25 कुत्तों की हो रही नसबंदी
अजीजगंज में बनाए गए एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर में तीन दिसंबर से कुत्तों की नसबंदी का काम शुरू हुआ है। नगर निगम क्षेत्र में टीम कुत्तों को पकड़ रही है। कुत्तों को पकड़कर सेंटर लाया जाता है जहां चिकित्सक नसबंदी करते हैं। तीन दिन तक कुत्तों को सेंटर पर रखकर निगरानी की जाती है। इसके बाद उसी स्थान पर कुत्तों को छोड़ दिया जाता है जहां से उसे उठाया जाता है। रोजाना 20 से 25 कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। करीब दस हजार कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य तय किया गया है। अधिकारियों की मंशा है कि नगर निकाय क्षेत्रों से भी कुत्तों को पकड़कर लाया जाएगा और एबीसी सेंटर में उनकी नसबंदी कराई जाएगी। पहले नगर निगम क्षेत्र के कुत्तों की नसबंदी कराई जा रही है। इससे कुत्तों की बढ़ती आबादी पर नियंत्रण होगा। अभी आश्रयस्थल बनाए जाने के लिए कोई गाइडलाइन अधिकारियों के पास नहीं है।
फिर से शुरू की निविदा प्रक्रिया
कुत्तों के साथ ही बंदरों की बढ़ती संख्या भी सिरदर्द बनी हुई है। नगर निगम ने बंदर पकड़ने का ठेका देने के लिए दो बार निविदा प्रक्रिया शुरू की लेकिन कोई एजेंसी अब तक फाइनल नहीं हो सकी है। नगर निगम ने तीसरी बार निविदा प्रक्रिया शुरू की है। अपर नगर आयुक्त की ओर से निकाली गई ई-निविदा में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के अधीन निगम क्षेत्र के 60 वार्डों से उत्पाती बंदरों को पकड़कर उपयुक्त स्थान पर छोड़े जाने के लिए 16 जनवरी तक भावपत्र आमंत्रित किए गए हैं। लगभग दस हजार बंदरों को पकड़ा जाना है।
कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों से कुत्तों को पकड़ने के लिए शासन के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ.बिपिन कुमार मौर्य, नगर आयुक्त