फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shahjahanpur News: ई-बसों के पहिये थमे...भारी पड़ा सफर

विज्ञापन
शाहजहांपुर में ई-बस चालकों से वार्ता करते निगम के अ​धिकारी। स्रोत: वीडियो ग्रेब
विज्ञापन
शाहजहांपुर। ई-बसों के चालक और परिचालक विभिन्न समस्याओं के विरोध में बुधवार को भी दोपहर बाद तक हड़ताल पर रहे। लगातार दो दिनों से ई-बसों के पहिये थमने से लोगों को यात्रा करना मुश्किल पड़ गया। स्टाॅपेज पर लोग बसों का इंतजार करते रहे। इस दौरान उन्हें डग्गामार वाहनों से सफर करना पड़ा। अधिकारियों से वार्ता होने के बाद हड़ताल समाप्त हो गई, लेकिन संचालन पूरी तरह से शुरू नहीं हो सका।
विज्ञापन

नगर निगम से 22 बसों का संचालन जिले में होता है। इनमें पुवायां मार्ग पर आठ, बंडा, खुटार में दो-दो, जलालाबाद में चार, लोकल में दो और बीसलपुर मार्ग पर चार बसें संचालित हैं। पूरी तरह से वातानुकूलित बसें गर्मी में यात्रियों के लिए काफी आरामदायक साबित होतीं हैं।
इन बसों से रोजाना पांच लाख रुपये का राजस्व कमाने वाला निगम चालकों-परिचालकों को डेढ़ महीने से वेतन नहीं दे सका है। इसके विरोध में मंगलवार से चालक-परिचालक हड़ताल पर चले गए। बस संचालन ठप होने से लोगों को सफर भारी पड़ गया। लंबे रूट के यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन

लोग स्टॉपेज पर खड़े होकर ई-बसों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन काफी प्रतीक्षा के बाद भी बस नहीं आने पर लोगों को रोडवेज बसों व डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। बुधवार दोपहर बाद चालकों-परिचालकों से वार्ता के बाद हड़ताल समाप्त हो गई, लेकिन बसों का संचालन पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाया। ऐसे में यात्रियों को दुश्वारियों से दो-चार होना पड़ा।

ये थीं मांगें, मिला आश्वासन
ई-बसों के चालकों-परिचालकों को डेढ़ महीने से वेतन नहीं मिला है। इसी तरह 26 दिन ड्यूटी भी नहीं मिल पा रही है। आरोप है कि अवकाश का प्रार्थना पत्र देने के बाद भी कार्रवाई कर दी जाती है। विरोध करने पर अभद्र व्यवहार किया जाता है। चार साल से वर्दी तक नहीं उपलब्ध कराई गई है। फिलहाल उन्हें अब 15 दिन में समस्या का समाधान का आश्वासन दिया गया है।

इन रूटों पर पड़ा असर
नगर से बरेली मोड़, कांट, जलालाबाद रूट व हथौड़ा समेत अलग-अलग रूटाें पर जाने वाले छात्र-छात्राएं व नौकरीपेशा ई-बसें नहीं चलने से परेशान रहे। सुरक्षित के साथ आरामदायक सफर देने वालीं ई-बसों का संचालन बंद रहने से लोगों को ई-रिक्शों, ऑटो व टेंपो का सहारा लेना पड़ा। सफर के किराये पर तो ज्यादा असर नहीं पड़ता लेकिन डग्गामार वाहन में ठूंसकर बैठाया गया।

बरेली मोड़ पर रिश्तेदारी में जाना था। सुबह से ई-बसें नहीं चल रहीं हैं। ई-रिक्शे से जाना काफी दुश्वारी वाला है। ई-बसों का संचालन नियमित होना चाहिए।
- सबा खान, यात्री



ई-बसों का सफर काफी आरामदायक है। दो दिन से ईं-बसें बंद होने से दिक्कत आ रही है। ई-रिक्शा से चलने पर परेशानी उठानी पड़ती है।
- जय देवी, यात्री


25 में तीन बसें खराब

नगर निगम की ओर से 25 ई-बसों का संचालन किया जा रहा था। गत वर्ष आई बाढ़ में तीन बसें खराब हो गईं थीं। तब से उनका संचालन नहीं हो रहा। नगर आयुक्त ने बताया कि तीन बसों की बैटरी खराब हो गई थी। बसें चीनी कंपनी की हैं। वहां की कंपनी ने इस माह के अंत तक एक बस की बैटरी देने की बात की है। दो बसों में अभी बैटरी डालने के विषय में शासन की ओर से तय किया जाएगा।

ई-बसों के चालकों और परिचालकों ने आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त कर दी है। उनको संबंधित एजेंसी से ही वेतन दिया जाएगा।

- डॉ. बिपिन कुमार मिश्र, नगर आयुक्त

-चालक-परिचालकों से वार्ता की गई है। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित को आश्वासन दिया है।
- हुमायूं लारी, प्रभारी-ई-बस सेवा

शाहजहांपुर में ई-बस चालकों से वार्ता करते निगम के अधिकारी। स्रोत: वीडियो ग्रेब

शाहजहांपुर में ई-बस चालकों से वार्ता करते निगम के अधिकारी। स्रोत: वीडियो ग्रेब

शाहजहांपुर में ई-बस चालकों से वार्ता करते निगम के अधिकारी। स्रोत: वीडियो ग्रेब

शाहजहांपुर में ई-बस चालकों से वार्ता करते निगम के अधिकारी। स्रोत: वीडियो ग्रेब

शाहजहांपुर में ई-बस चालकों से वार्ता करते निगम के अधिकारी। स्रोत: वीडियो ग्रेब

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें