फसली नुकसान होने से परेशान किसानों को राजस्व कर्मियों की मनमानी और भारी पड़ रही है। आरोप है कि सर्वे के नाम पर एक जगह बैठक कर सूची बनाने के बाद चेक देने के लिए ग्रामीणाें से सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है। यही नहीं कई भूमिहीनों को चेक बांट देने का भी आरोप है। ऐसे ही मामलों को लेकर गांव कटिउली से आये तमाम ग्रामीणों ने तहसील पर विरोध प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन देकर सही सर्वे कराने तथा बने चेक को बंटवाए जाने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव के एक व्यक्ति को एक बार 5814 तथा दूसरी बार में 3900 रुपये का चेक दिया गया, जबकि दो लोग ऐसे है जो भूमिहीन होने के बाद भी साढ़े तीन-तीन हजार के चेक ले चुके है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूची बनाने में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है। ग्रामीणों का ये भी आरोप है कि उनके गांव के अन्य 80 लोगों के चेक बन चुके हैं, लेकिन उन्हें बांटने के एवज में लाभार्थियों से सुविधा शुल्क दिए जाने की मांग हो रही है। ज्ञापन देने तथा प्रदर्शन करने वालों में महेंद्र, राजबहादुर, विमलेश, बलतीर, सुगरपाल, मूला देवी, बबली, कमलेश्वर, नन्ही देवी, सत्यवीर, लेखराज, अर्जुन आदि मौजूद रहे।