शाहजहांपुर। साल 2025 का सफर पूरा होने को है। वर्ष 2026 में शिक्षा विभाग में कई नए बदलाव देखने को मिलेंगे। स्वामी शुकदेवानंद राजकीय डिग्री कॉलेज की सौगात मिलेगी। यह उच्च शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन होगा। इसी तरह बेसिक और माध्यमिक स्कूलों के कई प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में काफी बदलाव आएगा। डिजिटल लाइब्रेरी, मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल, अभ्युदय स्कूल और विज्ञान लैब बनकर पूर्ण हो जाएगी। आयोग से शिक्षकों के चयन का रास्ता साफ होने से स्टाफ की कमी भी खत्म हो जाएगी।
जिले में बेसिक के 2716 स्कूल संचालित हैं। माध्यमिक के राजकीय, सहायता प्राप्त समेत 389 स्कूलों का संचालन होता है। इसी तरह शहर के प्रमुख तीन कॉलेजों समेत 60 डिग्री कॉलेज में छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं। एसएस कॉलेज को स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की मंजूरी मिली है।
इससे शहर व आसपास के क्षेत्रों की शिक्षा की गुणवत्ता में काफी बदलाव आएंगे। अब तक जिन पाठ्यक्रमों के लिए विद्यार्थियाें को दिल्ली, लखनऊ जाना पड़ता था। उनकी यहीं पर पढ़ाई हो सकेगी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में अगले वर्ष करीब दस करोड़ रुपये की लागत से जिले की पहली अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी के प्रस्ताव पर मुहर लगने से सौ विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में आसानी हो जाएगी। इसी तरह साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से शहर के राजकीय इंटर काॅलेज का कायाकल्प होगा।
चौड़ी सड़क के साथ अतिरिक्त गेट लगाए जाएंगे। टायल्स लगाने के साथ ही खेलकूद के संसाधन और बच्चों के लिए लैब और कक्षाओं का सुंदरीकरण कराया जाएगा। 32 स्कूलों में चहारदीवारी का कार्य भी अगले वर्ष पूर्ण होना है। इसी तरह 40 स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, विज्ञान के प्रयाेग के लिए लैब, मल्टीपरपज हॉल का निर्माण होगा। विद्यालयों में छात्र अनुपात से शिक्षकों की तैनाती का रास्ता भी साफ होगा।
मॉडल व अभ्युदय स्कूल का निर्माण होगा पूरा
बेसिक शिक्षा परिषद ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल बनाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। इसमें निगोही के कजरीनूरपुर में निर्माण शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा ददरौल के बंथरा, सदर के दाउदपुरपुर मुरादपुर, पुवायां के रहदेवा, जलालाबाद के चिलौना, सूथा के सूथा गांव में मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल का प्रस्ताव पास होकर कार्य शुरू होगा। इस तरह चिनौर में बन रहे मुख्यमंत्री अभ्युदय स्कूल का निर्माण पूरा होने की संभावना है। इन विद्यालयाें के बनने से छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
ये आईं विभाग के सामने चुनौतियां
-परिषदीय विद्यालयों के करीब छह हजार बच्चों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी नहीं होने से बच्चों को स्वेटर नहीं मिल सके।
-शासन स्तर से ऑनलाइन हाजिरी के लिए टेबलेट और सिम देने के बाद भी शत-प्रतिशत बच्चों व टीचर की हाजिरी नहीं लग सकी।
- प्राथमिक स्कूलों के को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में ईसीसीई एजुकेटर व अनुदेशक भर्ती में धांधली के आरोप लगने पर भर्ती निरस्त करनी पड़ी।
-50 से कम छात्र संख्या वाले परिषदीय स्कूलों को विलय करने पर विरोध के बाद निर्णय वापस लेना पड़ा।
-कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को फर्नीचर उपलब्ध नहीं हो सका।
-जर्जर भवन को खाली करा दिया गया, लेकिन नए भवन बच्चों को नहीं मिल सके।
ये हैं उपलब्धि
-एसएस कॉलेज को यूनिवर्सिटी बनाने की सहमति मिली।
-डिग्री कॉलेजों में राष्ट्रीय सेमिनार हुए, जिसमें छात्र-छात्राओं को शोध पत्र पढ़ने का मौका मिला।
-बेसिक व माध्यमिक स्कूलों के स्काउट-गाइड ने लखनऊ में हुए जंबूरी में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
नए साल में ये मिलेगा
-प्राथमिक स्कूलों के 232 कोलोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर झूलों का प्रबंध
-282 बाल मैत्री में फर्नीचर की व्यवस्था, ईसीसीई एजुकेटर व अनुदेशक की भर्ती
-प्रत्येक ब्लॉक में ब्लॉक एमआईएस व जिला स्तर पर डीसी निपुण की तैनाती
-62 स्कूलों में लर्निंग बाई डूइंग के तहत लैब की स्थापना
वर्ष 2026 में कई प्रोजेक्ट पूरे होंगे। स्कूलों की चहारदीवारी, जीआईसी का कायाकल्प, विज्ञान लैब आदि बनने का रास्ता साफ होगा। नए वर्ष में शिक्षा व्यवस्था नए कीर्तिमान की ओर अग्रसर होगी।
- हरिवंश कुमार, डीआईओएस
मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल व अभ्युदय स्कूल का रास्ता साफ होगा। कुछ का काम पूर्ण होगा। इसके अलावा बड़ी संख्या में कार्य गतिमान हैं, जो नए साल में पूरे होने से शिक्षा की व्यवस्था बेहतर होगी।
- दिव्या गुप्ता, बीएसए
शाहजहांपुर में डीआईओएस कार्यालय। संवाद
शाहजहांपुर में डीआईओएस कार्यालय। संवाद
शाहजहांपुर में डीआईओएस कार्यालय। संवाद