मीरानपुर कटरा। खिरिया सकटू गांव के पास सूखी नहर की पटरी पर झोंपड़ी डालकर रहने वाले तांत्रिक अनिल कश्यप की हत्या किए जाने की पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट से पुष्टि हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, उसकी ठोड़ी, सीने और पेट पर गहरी चोटें पाई गईं हैं। अब पुलिस तांत्रिक की हत्या में लिप्त आरोपियों का सुराग लगाने में जुटी है।
गत कई वर्ष से नहर की सूखी पटरी पर झोंपड़ी डालकर रह रहे तांत्रिक अनिल का कई दिन पुराना सड़ा-गला शव मंगलवार की शाम पुलिस ने नहर में पुआल के ढेर से बरामद किया है। शव के पास एक बच्चे के कपड़े, मानव कंकाल की खोंपड़ी, तंत्र विद्या की किताबें और खून से सना डंडा भी बरामद हुआ था। यह डंडा झोंपड़ी पर लगी किसी पताका से निकाला गया था। शव पर चोटों के निशान और रक्तरंजित डंडा मिलने से पुलिस ने भी यही अनुमान लगाया कि तांत्रिक की पीटकर हत्या की गई है।
पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में तांत्रिक की मौत पांच दिन पूर्व होना बताया गया है। सीने में चोट से उसकी दस पसलियां टूटी पाई गईं। पुलिस तांत्रिक का किसी से विवाद अथवा रंजिश होने के सूत्र भी तलाश रही है। तांत्रिक के बड़े भाई पूरन लाल कश्यप से भी पुलिस संपर्क करने का प्रयास कर रही है।
इस बीच तिलहर में रहने वाले तांत्रिक की छोटी बहन गुड्डो देवी और भांजे सचिन आदि रिश्तेदारों ने बुधवार को पोस्टमाॅर्टम हाउस पर जाकर शव लिया और शाम को स्थानीय श्मशान भूमि पर अंतिम संस्कार कर दिया है। हालांकि, अभी इस मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है। पुलिस के संज्ञान में आया कि लखनऊ-दिल्ली हाईवे किनारे रमबगिया के तालाब और कुंवर गड्ढा वाले तालाब समेत एक अन्य तालाब की जमीनों का तांत्रिक पट्टा धारक था।
रमबगिया तालाब में पट्टे की जमीन से अवैध कब्जा हटवाने को लेकर तांत्रिक से हुए विवाद के बारे में पुलिस पड़ताल कर रही है। प्रभारी निरीक्षक जुगल किशोर पाल के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से तांत्रिक की हत्या का संदेह पुख्ता हो गया है, लेकिन अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।