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हड़ताली भाकियू नेताओं ने दी आमरण अनशन की चेतावनी

Tue, 17 Mar 2015 12:21 AM IST
शाहजहांपुर
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बेमौसम बारिश से तबाह हुईं फसलों का किसानों को मुआवजा दिए जाने के साथ पुलिस उत्पीड़न के मामलों की जांच की मांग को लेकर भाकियू भानु गुट के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सातवें दिन भी कलक्ट्रेट पर भूख हड़ताल जारी रखी। इस बीच, मथुरा पंचायत से लौटे पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर गोपनीय बैठक करने के बाद प्रशासन को आंदोलन की अनदेखी करने पर आमरण अनशन शुरू कर देने की चेतावनी दी।
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मथुरा से लौटे यूनियन के जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह यादव और जिला महासचिव राशिराम वर्मा ने क्रमिक अनशन की कमान संभाले मंडल महासचिव रमेश चंद्र गुप्ता को महापंचायत के कार्यवृत्त का ब्योरा दिया। दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि महापंचायत में मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने और जरूरत पड़ने पर किसान पंचायत बुलाकर आमरण अनशन शुरू करने पर सहमति बनी।
इस पर मंडल महासचिव गुप्ता ने खुली बैठक में कहा कि जब तक बंडा ब्लॉक के सिकरहनियां गांव में लोहिया आवासों की सूची में भी पात्र शामिल नहीं किए जाते, आंदोलन में सभी कार्यकर्ता सारे काम छोड़कर हिस्सेदारी निभाते रहें। जिलाध्यक्ष यादव ने चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों को बकाया भुगतान दिलाने के लिए निर्णायक संघर्ष को तैयार रहने का कार्यकर्ताओं से आग्रह किया। जिला महासचिव वर्मा ने फसली नुकसान को दैवी आपदा मानते हुए प्रशासन से मुआवजा की मांग दोहराई।
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खास यह रहा कि भाकियू की भूख हड़ताल में शामिल सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के रहने वाले श्रीकृष्ण यादव की पत्नी रामप्यारी के स्वास्थ्य में मामूली सुधार के बावजूद उन्होंने धरना जारी रखा। रामप्यारी ने कमजोरी और जोड़ों में दर्द की शिकायत की। भूख हड़ताल में गगनदीप माटा, रामनरेश यादव, राजरानी, शिवाधार, ओमप्रकाश, हरिहर सिंह यादव, कलक्टर सिंह, महेंद्र पाल आदि शामिल रहे।
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