चित्रा टॉकीज में कथा सुनाते डॉ.दामोदर दीक्षित। स्रोत: आयोजक
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शाहजहांपुर। कथाव्यास डाॅ.दामोदर दीक्षित ने भगवान श्रीकृष्ण की गोचारण लीला का वर्णन किया। कथा के बीच में भजनों की रसधारा ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
चित्रा टॉकीज में कथाव्यास ने कहा कि ग्वालवालों ने माता यशोदा से मिट्टी खाने की शिकायत की तो भगवान कृष्ण ने मना कर दिया। मुंह में अंगुली डाली तो मिट्टी निकली। मां को क्रोध आ गया, बोलीं और मुंह खोलो अभी और मिट्टी निकलेगी। जब मुंह खोला तो अखिल ब्रह्मांड का दर्शन हुआ।
यशोदा जी को विश्वास हो गया कि उनका बेटा तो पूर्णब्रह्म है। एक बार ब्रह्माजी ने सभी गायों और बछड़ों का अपहरण कर लिया भगवान ने सभी गाये-बछड़े ज्यों के त्यों बना लिए। ऐसे एक वर्ष बीत गया तो ब्रह्मा जी ने आकर देखा तो आश्चर्यचकित रह गए। फिर लंबी स्तुति की और क्षमा याचना की।
इस दौरान रामदुलारे त्रिगुनायत ने अयोध्याकांड की कथा सुनाई। पीलीभीत से आए शिवकुमार सुमन ने बाली ध की कथा सुनाकर सुग्रीव के राज्याभिषेक का वर्णन किया मंच संचालन आचार्य रामानंद दीक्षित ने किया। विठूर से आईं साध्वी रमा मिश्रा, व्यास अवधेश दीक्षित भी मौजूद रहे। मुख्य यजमान कमलेश कुमार खन्ना ने व्यास एवं अन्य विद्वानों का माल्यार्पण कर स्वागत व पूजन किया। ध्रुव नारायन मेहरा, सुधा मेहरा, सोमनाथ कपूर,सरिता कपूर, जयप्रकाश खन्ना, चंद्रशेखर खन्ना धीरू, रोली खन्ना, रागिनी खन्ना आदि मौजूद रहे।