शाहजहांपुर। गांधी भवन प्रेक्षागृह में रविवार को हास्य नाटक गधे की बरात का मंचन देख दर्शक लोटपोट हो गए। इससे पूर्व कर्मयोगियों को सम्मानित भी किया गया।
नंदिनी जनकल्याण वेलफेयर सोसाइटी की ओर से संचालित नंदिनी कला केंद्र के कलाकारों ने मंचन में दिखाया कि चित्रसेन नाम के गंधर्व को इंद्रदेव ने धरती पर गधा बनने का श्राप दे दिया, जो कल्लू के घर में आ जाता है। राजकुमारी सत्यवती की शर्त के अनुसार, बीड़ा कल्लू से उठवाता है। कल्लू अपनी किस्मत बदलती देख बीड़ा उठा लेता है, लेकिन विवाह के समय गधा श्राप से मुक्त हो जाता है और कल्लू व गंगी को पहचानने से इन्कार कर देता है।
कल्लू समझ जाता है कि महल रूपी हवा कितनी विष भरी है, जो गधे रूपी इंसान को भी बदल सकती है। इस तरह नाटक के माध्यम से संदेश दिया गया कि धन संपदा आने पर मनुष्य बदल जाता है। नाटक के दौरान कलाकारों के हाव-भाव देख व संवादों को सुनकर दर्शक खुद को हंसने से रोक नहीं पाए। इससे पहले मुख्य अतिथि नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्र, विशिष्ट अतिथि सर्वेश चंद्र मिश्रा व मधुरेश गुप्ता ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। हरिभाई वडगांवकर ने नाटक को लिखा है, जिसका निर्देशन राजेश गुप्ता पंछी ने किया गया है।
नाटक में प्रमुख किरदार राजेश गुप्ता पंछी, प्रियंका रंजन, प्रियांशु शर्मा, जयदीप, आनंद साहू चित्र सेन, आर्यन मिश्रा, नईम खां, सृष्टि राठौर, नंदिनी श्रीवास्तव, मानवी श्रीवास्तव, विक्रम श्रीवास्तव टिकैत, फरीद अहमद ने निभाए। प्रकाश व्यवस्था करन कुमार, संगीत शादान, रूपसज्जा आयुष यादव, मंच वसीम और संचालन इंदु अजनबी का रहा। इससे पूर्व समाजसेवी अर्पण श्रीवास्तव, व्यापारी सुबोध शक्ति, राजनीतिज्ञ रामबरन सिंह चंदेल और रंगकर्मी शिवा सक्सेना व प्रेम कुमार को सम्मानित किया गया।