कचहरी गुरुद्वारे के सभागार में शिक्षक विधायक के कब्जा करने के विरोध में बुधवार को सिख संगत ने गुरुद्वारे गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इसमें सिख संगत के निशाने पर शिक्षक विधायक संजय मिश्रा और गुुरुनानक स्कूल के प्रबंधक गुरप्रकाश सिंह रहे। सिख संगत से मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी को सौंपते हुए छह दिन की मोहलत दी है।
बता दें कि दो गुरुनानक पाठशाला के प्रबंधक गुरप्रकाश सिंह ने स्कूल का सभागार शिक्षक विधायक संजय मिश्रा को किराए पर दे रखा था। संजय मिश्रा ने उसमें अपना कार्यालय बना लिया। बीते दो अगस्त को शिक्षक विधायक के लोग सभागार में कब्जा की नीयत से दीवार करा रहे थे। गुरुद्वारा सिंह सभा पदाधिकारियों को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने दीवार को ढहा दिया था। सिख संगत ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कचहरी के सामने जाम लगा दिया। दोनों पक्ष सभागार पर अपनी-अपनी दावेदारी कर रहे थे। सिख संगत के लोगों की शिक्षक विधायक से नोकझोंक भी हुई थी। सीटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सीओ सिटी ने सभागार के गेट पर ताला लगा दिया। पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों को बैठाकर फैसला करने का प्रयास किया, लेकिन दोनों अपना-दावा छोड़ने को तैयार नहीं थे। प्रशासन ने मामले को सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में भेज दिया। जिसकी 14 अगस्त को सुनवाई है।
बुधवार को अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पूरे जिले से इकट्ठे हुए सिख समुदाय के लोगों ने सुबह से ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। संगत के प्रदर्शन को देखते हुए पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया था। धरने के दौरान सिख संगत के पदाधिकारियों ने शिक्षक विधायक संजय मिश्रा और स्कूल प्रबंधक गुरप्रकाश सिंह के खिलाफ अपना गुस्सा निकाला। दोनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। धरना प्रदर्शन में गुरु सिंह सभा की अध्यक्ष कमलेश कौर माटा, महामंत्री हरभजन सिंह दुआ, जुझार सिंह मोंगा, करमजीत सिंह बग्गा, दर्शन सिंह बजाज, गुरुवचन सिंह माटा, भूपेंद्र सिंह होरा, जवाहर सिंह, गैगी माटा, जसवीर सिंह, अवतार सिंह, हरदेव सिंह, मनजीत सिंह ढींगरा, रघुवीर कौर, रानी ढींगरा, शरनजीत कौर खालसा, कुलदीप सिंह, अवतार सिंह आदि मौजूद थे।