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देर शाम तक होता रहा सरकारी विभागों के बिलों का निस्तारण

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शाहजहांपुर के जिला कोषागार में उपलब्ध बजट से सरकारी विभागों के बिलों का सत्यापन करते वरिष्ठ लेख? - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। वित्तीय वर्ष 2021-22 के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को क्लोजिंग (वार्षिक लेखाबंदी) के कारण कोषागार में सरकारी विभागों के बिलों का निस्तारण तेज कर दिया गया। वहां के सामान्य कार्यालय समेत पेंशन अनुभाग में कई पटलों पर कंप्यूटर बढ़ाकर वहां कर्मचारी तैनात कर दिए गए। सहायक कोषाधिकारी के अनुसार जिन विभागों के खातों में कार्मिक भुगतान और अन्य मदों में बजट शेष बचा है, उनके बिलों का निस्तारण देर शाम तक कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
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कोषागार के माध्यम से जिले के विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त और कार्यरत लगभग 12 हजार कर्मचारियों को पेंशन और वेतन का भुगतान कराया जाता है। यही नहीं, 71 विभागों और मदों में शासकीय धनराशि का भुगतान भी कोषागार से होता है। वरिष्ठ कोषाधिकारी समय-समय पर विभिन्न विभागों के लेखा अधिकारियों और आहरण वितरण अधिकारियों को भुगतान के लिए बिल हर माह नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश देते रहे, लेकिन पहले पंचायत चुनाव और बाद में विधानसभा चुनाव में सरकारी तंत्र के व्यस्त हो जाने से अधिकांश विभागों ने चार से पांच माह पुराने बिल कोषागार अधिकारियों को तब उपलब्ध कराने शुरू किए, जब वित्त वर्ष खत्म होने की नौबत आ गई।
यही नहीं, कई विभागों ने चार माह पुराने बिल भुगतान के लिए बुधवार शाम से बृहस्पतिवार को दोपहर बाद तक उपलब्ध कराए। चूंकि, इन बिलों का संबंधित विभागों के खातों में उपलब्ध बजट से मिलान करने के बाद ही उन्हें स्वीकृति देना संभव है, इसलिए कोषागार के कर्मचारियों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा कार्यबोझ कई गुना बढ़ गया। अमूमन कोषागार के सामान्य कार्यालय में दैनिक कामकाज दोपहर दो बजे तक होता रहा, लेकिन सुबह से कंप्यूटर स्क्रीन पर आंखें गड़ाए कर्मचारियों को सिर उठाने की फुरसत नहीं मिली। कार्य की अधिकता को देखते वहां के कई पटलों पर अतिरिक्त कंप्यूटर लगा दिए गए।
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कोषागार के पेंशन अनुभाग मेें वरिष्ठ लेखाधिकारी सीमांत मिश्रा बिलों का निस्तारण कराने आए सेवानिवृत्त शिक्षकों से घिरे दिखे। वहां के अन्य पटलों पर आम दिनों में गपशप में व्यस्त दिखने वाले कर्मचारी भी सुबह से शाम तक अपने कार्य में तल्लीन रहे। एक कर्मचारी के अनुसार उनके मध्याह्न भोजन (लंच) का समय भी कार्य जल्दी निपटाने के फेर में बीत गया। वरिष्ठ सहायक कोषाधिकारी राजेश गिरि के अनुसार कई बार कहे जाने के बावजूद कई विभागाध्यक्षों और उनके आहरण वितरण अधिकारियों ने भुगतान को समय से बिल नहीं भेजे। उन्होंने बताया कि शाम तक अधिकांश विभागों के बिल भुगतान को स्वीकृत हो गए। पुलिस विभाग और कलक्ट्रेट के कुछ कार्यालयों के बिल शेष बचे हैं, जिन्हें निस्तारित करने के लिए कोषागार रात आठ बजे के बाद तक खुला रहेगा।
बैंकों में देर रात तक हुआ कामकाज
शाहजहांपुर। निजीकरण के विरोध में बैंक, बीमा व डाक कर्मियों ने हड़ताल कर दी थी। 28 व 29 मार्च को बैंक शाखाओं, डाकघरों व बीमा कंपनियों के कार्यालयों के गेटों पर ताला पड़ा रहा। 30 मार्च को बैंक खुले तो बड़ी संख्या में ग्राहक बैंक पहुंच गए थे। बृहस्पतिवार को 31 मार्च होने के कारण वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन था। इसके चलते बैंक, डाक व बीमाकर्मियों को देर रात तक काम करना पड़ा। स्टेट बैंक में देर शाम पांच बजे तक जमा निकासी का काम हुआ, उसके बाद क्लोजिंग का काम निपटाया गया। भारतीय जीवन बीमा निगम में भी देर शाम तक किश्तें जमा होती रहीं। वैसे वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन होने के कारण इन कार्यालयों में ग्राहकों की काफी भीड़ रही। लेनदेन के लिए लोगों को काफी देर तक लाइन में लगना पड़ा। संवाद

शाहजहांपुर जिला कोषागार के पेंशन अनुभाग में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बिलों का निस्तारण करते ?- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

शाहजहांपुर के स्टेट बैंक में वित्त वर्ष के अंतिम दिन काम करते कर्मचारी । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

शाहजहांपुर के जिला कोषागार में वित्त वर्ष के अंतिम दिन विभिन्न विभागों के देयकों का निस्तारण कर?- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

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