त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पदों के लिए दूसरे चरण की नामांकन प्रक्रिया बृहस्पतिवार से सदर तहसील के विकास खंड कार्यालयों में कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई। पहले दिन मदनापुर, ददरौल, कांट और भावलखेड़ा ब्लॉक में ग्राम प्रधान के 301 और ग्राम पंचायत सदस्य के 3685 पदों के लिए नामांकन कराने की संभावित प्रत्याशियों में होड़ जैसी लगी रही। इसलिए नियत अवधि के बाद अंधेरा घिरने तक नामांकन प्रक्रिया जारी रही।
नामांकन प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए डीएम ने पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी वीरपाल को मदनापुर, डायट के प्राचार्य राकेश कुमार को ददरौल, वाणिज्य कर उपायुक्त रमेश वैश्य को कांट और जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय को भावलखेड़ा ब्लॉक का आरओ नियुक्त किया था। इन सभी अधिकारियों ने सुबह होते ही ब्लॉक मुख्यालयों पर जाकर वहां की कमान संभाली और पूर्वांह आठ बजे से नामांकन प्रक्रिया शुरू करा दी।
शुरुआती दो घंटे में नामांकन की रफ्तार धीमी रही, लेकिन जैसे-जैसे धूप चढने से सर्दी का असर घटा, प्रत्याशी और उनके समर्थक ब्लॉक कार्यालयों पर पहुंचने लगे। दोपहर बाद विकास खंड कार्यालयों के बाहर इतनी भीड़ जमा हो गई कि वहां का माहौल मेले जैसा हो गया। मिश्रीपुर में हरदोई रोड बाईपास के नजदीक भावलखेड़ा ब्लॉक कार्यालय में नामांकन के दौरान हरदोई रोड के यातायात में कई बार रुकावट पड़ी।
वार्ड मेंबरी के नामांकन की धीमी रही रफ्तार
प्रधानी के दूसरे चरण के मतदान को नामांकन के पहले दिन खास यह भी रहा कि प्रधानी के दावेदारों की तुलना में वार्ड मेंबरी के प्रत्याशी बहुत कम उभरे जबकि प्रधानी की तुलना में मेंबरी की सीटें दस गुना से ज्यादा हैं। उदाहरणार्थ, भावलखेड़ा ब्लॉक में प्रधानी की 92 सीटों के लिए 723 नामांकन हुए जबकि ग्राम पंचायतों के 1164 वार्डों के लिए केवल 251 पर्चे दाखिल किए गए। इसी तरह मदनापुर ब्लॉक में प्रधान के 70 पदों के सापेक्ष 414 और मेंबरी की 840 सीटों के लिए 34 तथा कांट ब्लॉक में प्रधानी के 64 पदों के लिए 394 और मेंबरी की 778 सीटों के लिए 26 नामांकन हुए। ददरौल में प्रधान के 75 पदों के लिए पहले दिन 585 दावेदार सामने आए।