शाहजहांपुर। जीवन का आधार जल अब प्रदूषण की मार झेल रहा है। सोमवार को विश्व जल दिवस मनाया जाएगा। शहर में जलकल केंद्रों पर शुद्धिकरण का काम सही से नहीं हो पा रहा है। कई स्थानों पर पुरानी पाइप लाइन से आपूर्ति की जाती है जिसमें पानी पूरी तरह शुद्ध नहीं होता। ज्यादातर हैंडपंप गंदा और पीला पानी दे रहे हैं। अधिकतर अमृत सरोवर सूखे पड़े हैं।
नगर निगम क्षेत्र में 2092 हैंडपंप लगे हुए हैं। शहर से लेकर गांवों तक सरकारी हैंडपंपों में निकलने वाला पीला और बदबूदार पानी लोगों को बीमार बना रहा है। एसएस कॉलेज में रसायन विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार सिंह ने बताया कि जिले के पानी में लेड और आयरन की मात्रा अधिक है। बंडा और ददरौल क्षेत्र में इसका प्रभाव अधिक हैं। बंडा के पानी में आर्सेनिक की मात्रा भी शामिल है जो कि पानी को जहरीला बनाता है। इनसे गुर्दा और त्वचा रोग संबंधित बीमारियां फैलती हैं।
कागजों में दावा, हकीकत में सूखे सरोवर
मनरेगा की ओर से जल संचयन के लिए वर्ष 2020 से अब तक 275 से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण कराने का दावा प्रशासन ने किया है। इसमें साढ़े पांच करोड़ से अधिक का बजट खर्च किया गया। इसका उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यटन व कृषि सिंचाई का है। इन्हें बनाने के लिए बजट तो पहुंचा, लेकिन अधिकतर अमृत सरोवर सूखे पड़े हैं।
35 स्थानों पर स्थापित गई वर्षा जल संचयन प्रणाली की स्थापना
जिले में 35 स्थानों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली की स्थापना लघु सिंचाई विभाग ने कराई है। इसके अलावा 130 आंगनबाड़ी केंद्रों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली (सॉकपिट मॉडल) में स्थापित कराई है। लघु सिंचाई विभाग की एई डॉ.शिखा सचान ने बताया कि जनपद जलस्तर के मामले में सुरक्षित जोन में हैं। सबसे कम खुदागंज और कटरा ब्लॉक में 3.2 मीटर पर जलस्तर है। कांट ब्लॉक का जलस्तर 9.12 मीटर है जो कि जनपद में सबसे अधिक है। जिले का औसतन जलस्तर छह मीटर है।
हैंडपंप रिबोर करने के लिए एक करोड़ का बजट स्वीकृत हो गया है। हैंडपंप चिह्नित किए जा रहे हैं। अमृत योजना के तहत शहर में 300 किमी से लंबी पाइप लाइन बिछाई जा रही है। इससे पानी की समस्या खत्म हो जाएगी। चोक पाइपलाइनों को भी ठीक करने का काम चल रहा है। जल शुद्धिकरण के लिए मानक के अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाती है।
- डॉ. बिपिन कुमार मिश्र, नगर आयुक्त
कांट के नगलाजाजू गांव में सूखा पड़ा अमृत सरोवर। संवाद
कांट के नगलाजाजू गांव में सूखा पड़ा अमृत सरोवर। संवाद