भारतीय बौद्ध महासभा की जिला इकाई की ओर से 60वें धम्म दीक्षा दिवस पर बुधवार को घंटाघर स्थित अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर गोष्ठी हुई। इस मौके पर वक्ताओं ने बौद्ध धर्म को विज्ञान सम्मत, कालजयी और लोक कल्याणकारी बताया।
इस अवसर पर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रामरतन गौतम ने बौद्ध धर्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब से मानव सभ्यता विकसित हुई, तभी से समाज में हिंसा, चोरी, नशाखोरी, व्यभिचार आदि दुर्गुण बढ़े। विज्ञान ने भी इन बुराइयों को मानव जाति के उत्थान में बाधक माना। इसलिए बौद्ध धर्म में इन बुराइयों के समापन पर विशेष जोर दिया गया है।
पंचशील सोशल वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष राम सिंह ने कहा कि समाज में जातिगत भेदभाव आज भी व्याप्त है। इस कारण लोगों का शोषण भी जारी है। समाज से शोषण के समापन और करुणा, मैत्री जैसे गुणों की स्थापना के लिए डॉ. अंबेडकर ने पूरा जीवन लगा दिया। अध्यक्षता करते हुए महासभा के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह दिनकर ने कहा कि हिंदू धर्म में व्याप्त छुआछूत का अंत करने में विफल रहने पर डॉ. अंबेडकर ने बौद्ध धर्म पर चलने की राह चुनी।
महासभा के पदाधिकारी वेदपाल सुमन के संचालन में हुई गोष्ठी में जिला उपाध्यक्ष रामप्रसाद आजाद, अजय कुमार, अनिल कुमार, ओमप्रकाश वर्मा, राजकुमार, वेद प्रकाश, कमलेश कुमार, सुधीर सागर, अमर सिंह दिनकर, जागेश्वर लाल, मधु सागर, नीतू कुमारी, ज्वाला प्रसाद आदि ने विचार व्यक्त किए। अंत में सभी ने बौद्ध धर्म की शिक्षाओं का अनुसरण करने का संकल्प किया।