ढकिया पंचवटी में चल रहे श्रीराम महायज्ञ में अनिल दास का प्रवचन
अयोध्या से आए संत अनिल दास ने कहा कि कलियुग में रामकथा उस औषधि की तरह है जो दैहिक, दैविक और भौतिक तापों को नष्ट कर देती है।
वह गांव ढकिया के पंचवटी शिव मंदिर पर चल रहे श्रीराम महायज्ञ में श्रोताओं के बीच प्रवचन कर रहे थे। प्रभु भक्ति की महिमा सुनाते हुए कहा कि कलियुग में केवल राम का नाम सुमिरन करने मात्र से ही मनुष्य का उद्धार हो जाता है। गृहस्थ आश्रम में रहकर लोगों की ज्यादा सेवा की जा सकती है। इस आश्रम में मनुष्य को तमाम बाधाएं रामभक्ति से विमुख रखने का प्रयत्न करती हैं, लेकिन मानव को ईश्वर भक्ति के लिए समय अवश्य निकालना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भगवान भक्त को उसी प्रकार प्रेम करते हैं, जिस प्रकार एक माता अपने शिशु को प्रेम करती है। उन्होंने राम नाम की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि बाल्मीकि मुनि राम नाम का उल्टा जाप करते रहने से महामुनि की पदवी को प्राप्त होकर भवसागर को पार कर गए। उन्होंने राम-रावण का प्रसंग भी सुनाया। रात में अयोध्या के कलाकारों ने कृष्ण लीला का सफल मंचन किया।