भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को खुटार पुवायां मार्ग पर भैंसी नदी के पुल के पास चक्का जाम कर दिया। लगभग डेढ़ घंटे तक चले जाम में तमाम वाहन फंस गए। पुलिस ने भाकियू के कार्यकर्ताओं को एसडीएम के पास पहुंचकर समस्या रखने को कहा, इसके बाद जाम खुल सका।
एनएच 25 पर खुटार-पुवायां के बीच स्थित भैंसी नदी का पुल दो जुलाई को ओवरलोड वाहन निकलने से टूट गया था। इससे आवागमन बंद हो गया। दो दिन बाद पीडब्लूडी की ओर से नदी में पाइप डालकर वैकल्पिक मार्ग शुरू कर दिया गया लेकिन वैकल्पिक मार्ग पर ईंट आदि नहीं डाली गई। भाकियू ने वैकल्पिक मार्ग को सही नहीं कराए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। शुक्रवार को मामूली बारिश होने के बाद वैकल्पिक मार्ग पर वाहन फंसने लगे। शनिवार को वैकल्पिक मार्ग पर एक ट्रक फंस जाने से दो घंटे तक जाम लगा रहा।
सुबह दस बजे भाकियू के तमाम कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। पुल की मरम्मत में बरती जा रही ढिलाई और वैकल्पिक मार्ग पर ईंट आदि नहीं डाले के विरोध में चक्का जाम कर दिया। सूचना पाकर एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और किसान नेताओं से बात की। पुलिस ने कहा कि भाकियू को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम को देना चाहिए। वार्ता के बाद भाकियू ने जाम समाप्त कर दिया और एसडीएम से मिलने पुवायां रवाना हो गए।
जाम के दौरान खुटार और पुवायां मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगी गईं लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने मौके पर पहुंचने की जरूरत नहीं समझी। चक्का जाम समाप्त होने के बाद भी काफी देर तक जाम जैसी स्थित बनी रही। चक्का जाम करने के दौरान भाकियू के सुरेंद्र दीक्षित, ऋषिपाल सिंह कोगी, वीरेंद्र यादव, चंद्रभाल दीक्षित सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
दो समुदाय आए आमने सामने, टला बवाल
पुवायां। चक्का जाम के दौरान गांव करनापुर के एक युवक ने जाम लगाए लोगों के बीच से बाइक निकालने का प्रयास किया तो भाकियू कार्यकर्ताओं ने उसे रोक दिया। इस पर युवक ने गाली गलौज शुरू कर दी और गांव के लोगों को फोन कर दिया। गांव करनापुर से एक समुदाय के तमाम लोग लाठी, डंडे लेकर जाम स्थल पर पहुंच गए और भाकियू कार्यकर्ताओं से गाली गलौज करते हुए मारपीट का प्रयास किया। लोगों ने बमुश्किल दोनों पक्षों को अलग कर शांत किया। इसे लेकर काफी देर तक हंगामा होता रहा। भाकियू कार्यकर्ताओं ने एक दरोगा पर मारपीट करने आए करनापुर के लोगों का पक्ष लेने का आरोप लगाया है। आरोप है कि दरोगा ने भाकियू नेताओं को हटाने के लिए गांव करनापुर के लोगों को विवाद करने के लिए उकसाया कि किसान नेताओं को डंडे मारकर हटाया जाना चाहिए। पुलिस का कहना है कि भाकियू नेताओं से वार्ता के बाद शांतिपूर्ण ढंग से जाम समाप्त करा दिया गया।