बहादुरगंज सब्जी मंडी में दुकान पर बिक्री करता सब्जी विक्रेता। संवाद
शाहजहांपुर। बरसात शुरू होते ही सब्जियों के भाव में इजाफा हो गया है। दूसरे राज्यों से आने वालीं सब्जियों से लेकर स्थानीय सब्जियां उत्पादन कम होने से महंगी हो गईं हैं। आवक के हिसाब से थोक सब्जी मंडी रोजा में भाव तय होते हैं। इसका असर सीधे तौर पर फुटकर बाजार पर पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को मजबूरी में सब्जी महंगी खरीदनी पड़ रहीं हैं।
बारिश शुरू होते ही सब्जियों के भाव बढ़ने लगते हैं। बारिश के दौरान सब्जियों के उत्पादन में गिरावट होती है। जलभराव की स्थिति में सब्जियों का उत्पादन काफी घट जाता है। इसकी वजह से इनकी कीमत बढ़ जाती हैं। बाहर से आने वाली सब्जियों की आवक कम हो जाती है। स्थानीय सब्जियों की फसल में पानी भरने से उत्पादन कम हो जाता है। इसके असर से बाजार में सब्जियां बाजार में कमी आने लगती हैं। इसकी वजह से कीमतों पर असर पड़ता है।
सब्जियों को भाव (प्रति किलोग्राम)
सब्जी एक सप्ताह पहले वर्तमान की स्थिति
फूलगोभी 80 100
शिमला मिर्च 130 160
तोरई 20 30
लौकी 20 30
अरबी 40 50
पालक 20 30
टमाटर 40 60
करेला 30 40
महंगाई बढ़ने से मांग हो रही कम
फुटकर सब्जी विक्रेता शमीम ने बताया कि महंगाई बढ़ने से सब्जियों की मांग कम हो रही है। आवक कम होने से थोक में सब्जी महंगी मिल रही है। इससे फुटकर विक्रेताओं को सब्जी में मुनाफा कम हो गया है।
आवक कम होने से बढ़ रहे सब्जियों के भाव
सब्जी एवं फल मंडी प्रभारी रामगोपाल सिंह ने बताया कि गोभी, टमाटर, शिमला मिर्च आदि की आवक कम हो रही है। इसकी वजह से सब्जियां महंगी हो रहीं हैं। स्थानीय सब्जियों के उत्पादन में भी बारिश के कारण कमी आई है। इससे भाव में वृद्धि हुई है।