निखिल मंत्र विज्ञान साधक परिवार जोधपुर के तत्वावधान में टाउनहाल हॉकी क्लब मैदान में साधना शिविर का आयोजन किया गया। दो दिवसीय शिविर के पहले दिन नंद किशोर श्रीमाली ने कहा कि गुरु ही व्यक्ति के जीवन को महान बनाता है। साधारण से साधारण व्यक्ति गुरु के संपर्क में आने के बाद महानता की ओर बढ़ने लगता है।
श्रीमाली ने हजारों साधकों को संबोधित करते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम भी तभी भगवान राम हुए, जब वह महर्षि विश्वामित्र की शरण में आए। विश्वामित्र को गुरु मानकर उनके साथ वन में गए और उनके मार्गदर्शन में जीवन यापन किया। जीवन में गुरु का प्रवेश होते ही मनुष्य की दोषों का शमन आरंभ हो जाता है। गुरु की तलाश तभी पूरी होगी, जब हम अहंकार का त्याग करेंगे।
बोले, अहंकार का त्याग होने से मन निर्मल हो जाता है और प्रभु निर्मल मन में ही वास करते हैं। इस दौरान उन्होंने सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों को दीक्षा प्रदान की। शिविर में विनय गुप्ता, बनवारी लाल वर्मा, रामबाबू सक्सेना, मुरारी लाल भास्कर, अनिल यादव, सतीश रस्तोगी, अनिल शर्मा, अनिल मिश्रा, रमेश भारद्वाज, आनंद पांडेय, मनोज शर्मा, अजय अग्निहोत्री आदि का योगदान रहा।