राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में वाहन की मांग के लिए सीएचएसी और पीएचसी स्वास्थ्य कर्मियों ने शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करके डीएम को ज्ञापन दिया।
स्वास्थ्य कर्मियों ने ज्ञापन में बताया कि वह लोग स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों का वजन, लंबाई और स्वास्थ्य जांचते हैं। फील्ड में जाने के लिए प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर एक वाहन की व्यवस्था थी, जिससे वह लोग प्रतिदिन बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए गांवों में जाया करते थे। 28 अगस्त 2015 से उनके पास वाहन नहीं है। जिसकी वजह से वह लोग फील्ड नहीं जा पा रहे है, जिसकी वजह से जिले में बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम रुका हुआ है। वह लोग पहले भी इसकी शिकायत सीएमओ कर चुके है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। काम रुके होने की वजह से उन लोगों की परीक्षण रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाती है। फील्ड में जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की गई है। इस दौरान डॉ. पारस गुप्ता, डॉ.आशुतोष चौहान, डॉ. रचना रस्तोगी, डॉ. अंकिता यादव, नेहा वाजपेयी, रुचि कनौजिया, नीति सिंह, अनुराग पांडेय, अशोक कुमार, विनीत पांडेय, गौरव रस्तोगी, सुदीप शुक्ला आदि मौजूद थे।