जलालाबाद में कोलाघाट मार्ग पर धंसी सड़क। संवाद
जलालाबाद। रामगंगा और बहगुल की बाढ़ के तेज बहाव ने तटवर्ती गांवों के रास्तों को काटकर छलनी कर दिया है। कोलाघाट के पुराने पुल और तिकोला पुल की दोनों ओर एप्रोच रोड कई जगह धंस गई है और एक पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो जाने से इन रास्ताें पर आवागमन खतरनाक हो गया है। ग्रामीणों ने बाढ़ से जर्जर हुए रास्तों को जल्द दुरुस्त कराने की प्रशासन से मांग की है।
गत अगस्त माह समेत चालू माह के शुरुआती सप्ताह में कई दिन तक बाढ़ का प्रकोप बना रहने से क्षेत्र के दर्जनों गांव पानी से घिर गए और वहां के सैकड़ों एकड़ खेत भी जलमग्न रहे। इस दौरान कई गांवों के रास्तों पर भी पानी का तेज बहाव होता रहा। इस दौरान कसारी खुर्द और कसारी बुजुर्ग गांव को जाने वाला मार्ग तीन जगहों पर करीब चार-चार मीटर पूरी तरह कट गया।
तिकोला पुल के आगे एप्रोच रोड की पुलिया भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई। कोलाघाट पुल के दोनों तरफ की मुख्य सड़क के किनारे भी कई जगह धंस जाने से राहगीरों के लिए खतरा बढ़ गया है। यही हाल अन्य कई मार्गों का हो गया है। बलदेवपुर से शेरपुर चुरघुटी गांव जाने वाला रास्ता भी कई जगह कट गया है। टापर गांव से हथिनापुर तक जाना भी मुश्किल हो गया है क्योंकि बाढ़ से कई जगह रास्ते का सफाया हो गया है।
जलालाबाद में कोलाघाट मार्ग पर धंसी सड़क। संवाद