माता पिता की चिता को दी मुखािग्न
विश्व मोहन और उनकी पत्नी को जब बेटी ने कांपते हाथों से मुखाग्नि दी तो हर आंख नम हो गई। बुधवार को सड़क हादसे में विश्वमोहन गुप्ता और उनकी पत्नी मीरा गुप्ता का निधन हो गया था। दोनों की शवयात्रा एक साथ घर से निकली तो हर कोई सुबक उठा। शवयात्रा खन्नौत मोक्षधाम पर पहुंची तो पति-पत्नी की चिताएं अगल-बगल सजाई गईं। जैसे ही विश्वमोहन की 18 वर्षीय बेटी तान्या ने कांपते हाथों से मम्मी-पापा को मुखाग्नि देने के लिए कदम आगे बढ़ाए तो एक बार फिर वहां मौजूद लोगों की आंखें छलछला गईं। दोनों की चिताओं को आग देने के बाद सहमी सी तान्या टकटकी लगाए अपने माता-पिता को पंचतत्व में विलीन होते देखती रही। जिन हाथों ने बेटी को झूला झुलाया, उंगली पकड़ कर चलना सिखाया और परवरिश कर बड़ा किया, उस बेटी को आज यह दिन भी देखना पड़ा। अल्पायु में ही माता-पिता से बिछड़ जाने का असहनीय दुख तान्या ही नहीं उसकी छोटी बहन 13 वर्षीय तनीषा भी भोग रही थी। वह भी गुमसुम सी अपनेे भाग्य को कोस रही थी। दोनों के सामने एक ही सवाल था कि अब उनकी देखभाल कौन करेगा और उनकी पढ़ाई-लिखाई का जिम्मा आखिर कौन संभालेगा।