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खबरें छपीं, मंत्री के दौरे हुए, जांच बैठी और तब खुलीं घपले की परतें

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नौ अगस्त को अमर उजाला में प्रकाशित खबर - फोटो : POWAYAN
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पुवायां (शाहजहांपुर)। पीडब्ल्यूडी मंत्री की सख्ती के बाद शाहजहांपुर-पलिया हाईवे की मरम्मत में घपला पकड़ में आ सका है। हालांकि अमर उजाला ने भी धनराशि जारी होने के बाद गड्ढे नहीं भरे जाने पर सवाल उठाए थे।
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शाहजहांपुर-पलिया हाईवे की मरम्मत के लिए पहले भी राशि जारी हो चुकी है, लेकिन हाईवे पर तमाम स्थानों पर गड्ढे बिना भरे ही छोड़ दिए थे। भाकियू सहित कई संगठन शिकायत कर चुके थे। अमर उजाला में हाईवे की हालत बेहद खराब होने और भैंसी पुल के जर्जर होने के बाद भी आवागमन जारी रहने की खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद दो अप्रैल को पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने भैंसी पुल का निरीक्षण किया था।
हाईवे पर तमाम स्थानों पर गड्ढे मिलने पर जितिन प्रसाद ने नाराजगी जताते हुए एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर से पूछा था कि हाईवे की मरम्मत के लिए राशि जारी होने के बाद भी मरम्मत ठीक से क्यों नहीं की गई है। उन्होंने चीफ इंजीनियर से मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था। इसके बाद हाईवे पर कई स्थानों पर मरम्मत की जांच की गई।
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2.06 करोड़ रुपये जारी होने के बाद जांच में पता चला है कि मरम्मत में बमुश्किल एक करोड़ रुपये ही खर्च किए हैं। बरेली में तैनात अधीक्षण अभियंता की अध्यक्षता में जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट पीडब्ल्यूडी को सौंप दी है।
पुल मरम्मत में भी घपले के लगते रहे हैं आरोप
शाहजहांपुर-पलिया हाईवे पर खुटार-पुवायां के बीच भैंसी नदी के पुल की भी कई बार मरम्मत हो चुकी है, लेकिन पुल ज्यादा दिन तक वाहनों का बोझ नहीं उठा सका। पुल की मरम्मत के लिए जारी राशि में भी घपले के आरोप लगते रहे हैं। सपा सरकार में तत्कालीन विधायक शकुंतला देवी ने तो आरोप लगाते हुए काम तक बंद करा दिया था, लेकिन दो दिन बाद ही मरम्मत का काम फिर शुरू हो गया और किसी पर कार्रवाई भी नहीं हुई थी।
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