शाहजहांपुर। टेंपो खड़ा करने के विवाद में सगे भाइयों को गोली मारने के दोषी को अदालत ने दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
पुवायां के गांव उमरिया कल्यानपुर के रहने वाले धर्मेंद्र कुमार ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उसका गंगसरा गांव के रहने वाले लालाराम से तीन दिन पहले टेंपो खड़ा करने को लेकर विवाद हो गया था। इसी बात को लेकर लालाराम रंजिश मानने लगा। 13 मार्च 2010 को उसके भाई सोनू व प्रेमशंकर जैसे ही लालाराम की दुकान के पास से टेंपो लेकर निकले, वहां पर पहले से घात लगाए बैठे लालाराम ने अपने बेटे सोनू और एक नाबालिग बेटे के साथ मिलकर गाली-गलौज शुरू कर दी।
जान से मारने की नीयत से सोनू व प्रेमशंकर को तमंचे से गोली मार दी। दोनों भाई घायल होकर वहीं पर गिर गए। फायरिंग की आवाज सुनकर भीड़ आ गई तो हमलावर धमकाते हुए चले गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद लालाराम, सोनू और नाबालिग के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा।
अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने लालाराम को दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई। सोनू की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। वहीं, नाबालिग आरोपी की पत्रावली पृथक कर किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई।