मिर्जापुर। माघ मेला रामनगरिया अधूरी तैयारियों के बीच मंगलवार से आरंभ हो गया। अभी मेला गेट से अंदर सदर बाजार तक न तो मुख्य मार्ग व्यवस्थित हो सका है और न ही मेला परिसर में बिजली, पेयजल, सफाई आदि के पर्याप्त इंतजाम हो सके हैं। हालांकि पंडों-पुजारियों ने श्रद्धालुओं के लिए अपने डेरे तैयार कर लिए हैं।
मंगलवार को पहले दिन पौष माह की एकादशी तिथि होने से सुबह तमाम श्रद्धालुओं ने गंगा मैया में डुबकी लगाकर उनसे अपने पुत्रों के लिए मनौतियां मानी। पहला स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर तीन जनवरी को होगा। बाद में 14 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को वसंत पंचमी और एक फरवरी को माघी पूर्णिमा के स्नान पर्व होंगे।
एक माह तक चलने वाले इस मेले में धार्मिक मान्यता के अनुसार कल्पवास करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु सपरिवार आते हैं। उनके लिए टेंट और तंबुओं की राम नगरिया बसने लगी है, लेकिन अब तक घाट व्यवस्थित नहीं हो सके हैं। माघ मेले के लिए ढाई घाट पर हर साल छह-सात घाट बनाए जाते हैं, लेकिन अब तक सभी घाट पहले की तरह ऊबड़-खाबड़ बने हुए हैं।
हालांकि, घाटों के आसपास सफाई करा दी गई है, लेकिन स्नान के लिए गंगा तट तक जाने वाले श्रद्धालुओं को घाट पर जगह-जगह बने रेतीले गड्ढों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह मेला परिसर में मुख्य द्वार से सदर बाजार तक करीब 500 मीटर लंबा मुख्य मार्ग भी अभी पैदल चलने लायक नहीं हो सका है।
इस मार्ग पर विद्युतीकरण होना है, लेकिन अभी लाइन बिछाने के लिए सिर्फ बल्लियां लगाई जा रहीं हैं। मेला परिसर में बनाई गई पुलिस चौकी पर रोशनी की व्यवस्था कर दी गई है, लेकिन घाटों के आसपास समेत कई स्थानों पर प्रकाश का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। पूरे मेला क्षेत्र में अभी चार हैंडपंप लगे हैं, जबकि 300 लगने हैं। तीन-चार सचल शौचालय मंगवाए हैं, जबकि वहां 30 शौचालय स्थापित होने हैं।
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अव्यवस्थाओं से कल्पवास करने वाले साधु-संत परेशान
कुबेरपुर निवासी संत मनमोहन दास ने बताया कि वह तीन दशक से लगातार ढाई घाट गंगा तट पर एक माह आठ दिन रहकर कल्पवास करते हैं, लेकिन इस बार जैसी दिक्कतें कभी नही हुईं। उनका कहना है कि साधु-संत के डेरों पर बिजली देने का शुल्क मांगा जा रहा है। इसी तरह हैंडपंप पानी नहीं दे रहा है। मेले में कई दिव्यांग संत आए हैं, लेकिन उन्हें अलग से शौचालय नहीं दिया गया है।
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अभी श्रद्धालुओं की संख्या कम है। स्नान पर्व तक मेले में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।
- ममता यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष
मिर्जापुर के ढाई घाट पर रास्ता बनाते कर्मी। संवाद