संत निरकारी मिशन के सद्गुरु बाबा हरदेव सिंह ने कहा कि जब हम परमात्मा से जुड़ते हैं तो सारा संसार हमें एक परिवार लगने लगता है। हम सभी एक ही नूर की उपज और एक ही परमात्मा की संतान हैं। ऐसे में हम अनेकता में एकता के प्रतीक बनकर उभरे हैं।
बाबा हरदेव सिंह बुधवार को रेती मार्ग स्थित माधवनगर में मिशन के आठ जिलों के संत समागम में प्रवचन कर रहे थे। बाबाजी ने कहा कि सद्गुरु हमेशा जोड़ने की शिक्षा देते हैं, परमात्मा से मिलने का रास्ता बताते हैं। जो गुरूर वाले होते हैं वे गुरुवाले नहीं हो सकते। इसलिए प्रभु से मिलने के लिये गुरुको अपनाना जरूरी है। कहा: कई बार हमारी नजर ठीक होती है, लेकिन आंखों पर लगी रंगीन ऐनक कुछ और ही असर डालती है। इसी कारण हमें कोई भी चीज असली रंग में नहीं दिखायी देता। इसी तरह आज मानव ने अहंकाररूपी ऐनक चढ़ा रखी है, जिसे हटाना होगा, तभी हम परमात्मा के मर्म को जान सकेंगे।
आस्था के भारी सैलाब के बीच शाम करीब छह बजे बाबा हरदेव सिंह मंचासीन हुए और अपने अनुयायियों का अभिवादन स्वीकर कर सभी को कृतार्थ करते रहे। क्षेत्रीय संत समागम सफल बनाने में मिशन के स्वयं सेवकों के अलावा वेदप्रकाश रावत, हरिओम श्रीवास्तव, रामकरन, महेश सक्सेना, मुन्नालाल, श्रीकृष्ण, रंजीत सिंह, प्रवेश साहनी, उपेश रावत, राजेश गुप्ता, अजय कुमार, शिवम आदि का योगदान रहा है। यहां बता दें कि संत निरकारी मिशन का दायरा केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी है। समागम में कई अनुयायी नेपाल से भी शिरकत करने आए हैं।