खुटार। गांव हरनहाई में चल रहे यज्ञ और कथा का मंगलवार को पूर्णाहुति के बाद विश्राम होने पर श्रद्धालुओं ने यज्ञस्थल पर पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर कथा व्यास आशीष दीक्षित ने सुंदरकांड की महिमा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता अंजनी हनुमान को बचपन में प्यार से सुंदर पुकारतीं थीं। हनुमान के पराक्रम के कारण वाल्मीकि जी ने इसका नाम सुंदरकांड रखा। सुंदरकांड वह मोड़ है जहां श्रीराम को सीता माता का पता चलता है। यह शोक के बीच आशा की किरण है अर्थात सुंदर है। विभीषण की शरणागति, त्रिजटा का बुराई पर अच्छाई की जीत का स्वप्न देखना, हनुमान का चतुराई से लंका दहन करना आदि के कारण सुंदरकांड नाम रखा गया।
आयोजन में ग्राम प्रधान शोभित कुमार, अचलेंद्र मिश्रा, अनुज, श्याम पाल, अक्कू त्रिवेदी, अश्विनी कुमार, आदित्य श्रीवास्तव, रामदास, नन्हे गुप्ता, केशव सिंह, रजनीश कुमार, हरजीत यादव सहित तमाम लोगों का सहयोग रहा। संवाद
बाबा भोलेनाथ मंदिर पर भंडारा हुआ
शाहजहांपुर। महानगर की भारद्वाज कालोनी स्थित बाबा भोलेनाथ मंदिर परिसर में भंडारा का आयोजन किया गया। इसमें तमाम श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। विनोद सक्सेना, पवन मिश्रा, अरविंद सिंह, डाॅ. डीएस माथुर और डाॅ. युक्ति माथुर मौजूद रहीं। संवाद