बहादुरगंज बाजार में गर्म कपड़ों की खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद
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शाहजहांपुर। सुबह बादल छाए रहने से न्यूनतम तापमान में वृद्धि हुई। दिन में धूप निकली, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। गलन से लोगों की कंपकंपी छूटती रही। अधिकतम तापमान में गिरावट आई। पछुआ हवा चलने से पाले का प्रकोप बढ़ गया है। इससे गलन और ठिठुरन बढ़ेगी। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट होने का अनुमान है।
शनिवार रात सीजन की सबसे ठंडी रात रही थी। न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री पर पहुंच गया था। रात में बादल छाए रहने से न्यूनतम तापमान में वृद्धि हुई। दिन में धूप निकली, लेकिन इसके बाद भी सर्दी से राहत नहीं मिली। गन्ना शोध परिषद के वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि सोमवार को दृश्यता 70 मीटर रही। पछुआ हवा सामान्य से पांच किमी प्रति घंटा तेज रफ्तार से चली। अधिकतम तापमान 14.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
रविवार को अधिकतम तापमान 16.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। अधिकतम तापमान में 1.4 डिग्री की गिरावट और न्यूनतम तापमान में 3.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। उन्होंने बताया कि वायुदाब सामान्य हैं। ऊंचाई पर बादल छाए हुए हैं। रात में पाले का प्रकोप बढ़ने के साथ तापमान में गिरावट होने का अनुमान है।
गर्म कपड़ों की बढ़ी मांग
बाजार में सड़क किनारे लगी दुकानों पर महिलाएं बच्चों के लिए टोपी खरीदते हुए दिखाई दीं। इसके साथ ही अन्य गर्म कपड़ों की मांग भी बढ़ गई।
गेहूं को छोड़कर सभी फसलों के लिए मौसम नुकसानदायक
कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ.एनसी त्रिपाठी ने बताया कि पाला और कोहरा गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। गन्ने की फसल के लिए इस मौसम से नुकसान है। इस मौसम में गन्ने का उत्पादन घट जाता है। आलू, मटर, टमाटर, सरसों में झुलसा रोग लगने की आशंका अधिक बढ़ गई है। इस मौसम में इन फसलों के उत्पाद पर असर पड़ेगा। इस मौसम में किसानों को खेत में हल्की नमी बनाए रखने की जरूरत है।