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आठ महीने से लापता नाबिर का परिवार घर लौटा

Sun, 26 Jun 2016 11:59 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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करीब आठ महीने से लापता नाबिर और उसका परिवार रविवार को घर पहुंच गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें दलालाें ने राजस्थान ले जाकर भट्टा मालिक के हाथ बेच दिया था। भट्टा मालिक ने बगैर मजदूरी दिए जबरन ईंटें पथवाईं। आरोपियों के खिलाफ तिलहर कोतवाली में तहरीर दी गई है। नाबिर ने बताया कि उन्हें अच्छी मजदूरी दिलाने का झांसा देकर एक दलाल राजस्थान ले गया और पूरे परिवार के भट्ठा मालिक के हाथों बेच दिया। भट्ठा मालिक के गुुर्गे एक बोलेरो में उन्हें जबरन भट्टे पर ले गए। जहां लगभग डेढ़ लाख ईंटे पथवाईं और मजदूरी भी नहीं दी। फिर बेहोश करके खंडाला गांव में छोड़ दिया। वहां भीख मांगने के बाद एक प्राइवेट बस में बैठकर नाबिर परिवार समेत तिलहर पहुंचे। अक्तूबर माह में मजदूरी करने राजस्थान गए नाबिर, उसकी पत्नी नूरबानो और सात बच्चाें के गायब होने की सूचना तिलहर थाने में दी थी। रविवार को तिलहर पहुंचने पर नाबिर व उसकी पत्नी ने बताया कि जयपुर में भाजीपुरा इलाके के एक भट्ठे पर उसने दो दलालों के माध्यम से  काम शुरू किया। होली से दो दिन पूर्व मालिक भट्टा बंद होने पर एक गाड़ी में सामान भरवाकर सपरिवार जयपुर भिजवा दिया। वहां से एक काले शीशे वाली सफेद बोलेरो में नाबिर व उसके परिवार को जबरन कुछ लोग एक जंगलनुमा स्थान पर ले गए और वहीं छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि तेरे दलाल ने तुझे बेच दिया है। डेढ़ लाख ईंटें बना दे, फिर छोड़ देंगे। अपहरणकर्ताआें ने जबरन ढाई-तीन महीने तक डेढ़ लाख ईंटें बनवाने के बाद खाने में नशा देकर शुक्रवार को खंडाला गांव छोड़ दिया। इसके बाद पैदल चलकर बस्ती में पहुंचे और भीख मांगकर नाबिर ने किराए के लिए पैसे जुटाये। रविवार को लगभग 12 बजे बस से तिलहर जा पहुंचा। 
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नाबिर व उसका परिवार अपनी सहमति से दलाल के माध्यम से जयपुर भाजीपुरा में एक भट्ठे पर चार माह तक नौकरी करने के बाद एक गाड़ी से जयपुर स्वेच्छा से गया था और वहीं उतर गया। यदि जयपुर में इसका अपहरण किया गया तो नियमानुसार जयपुर में ही शिकायत दर्ज करानी चाहिए। 
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-दयाचंद्र शर्मा, कोतवाल तिलहर
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