मृतका किशोरी देवी का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। मंगटोरा गांव की 55 वर्षीय किशोरी देवी की रविवार को देर रात पीलीभीत के जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। शव लेकर सोमवार को गांव पहुंचे परिजनों ने ग्राम प्रधान सहित दो लोगों पर धमकाने के कारण मौत हो जाने का आरोप लगाते हुुए किशोरी देवी का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। हालांकि, धमकी देने के एक आरोपी को हिरासत में लेने के बाद पुलिस की मौजूदगी में दोपहर को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गत 24 मार्च को एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में किशोरी देवी ने बताया था कि उनके इकलौते बेटे सुखदेव की रंजिश के चलते ग्राम प्रधान भोपाल उर्फ रमनपाल सहित अन्य लोगों ने हत्या कर दी थी। वह अपनी पुत्रवधू और दो वर्षीय पौत्र के साथ गांव में रह रही हैं। कुछ समय पहले हत्यारोपी रमनपाल सहित अन्य आरोपी जमानत पर छूटकर आए और मुकदमे में पैरवी करने पर उनके पौत्र को मार डालने की धमकी दी। किशोरी देवी ने पत्र में यह भी कहा कि पौत्र की हत्या करने की धमकी से सदमे में आने से उनकी तबीयत खराब हो गई।
परिजनों के अनुसार तीन दिन पहले पूरनपुर में रहने वाले किशोरी देवी के मायके वाले उन्हें इलाज के लिए अपने साथ ले गए और पीलीभीत के जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। रविवार को देर रात किशोरी देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि इस मामले में रमनपाल सहित दो अन्य लोगों के खिलाफ धमकाने की धाराओं में रिपोर्ट पहले ही दर्ज की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि एक आरोपी को हिरासत में लिए जाने के बाद घरवालों ने महिला का अंतिम संस्कार कर दिया। अब मामले में आगे की जांच की जा रही है और अन्य आरोपियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।