सदर बाजार के मोहल्ला अली जई में रहने वाले एडीओ पंचायत (भावलखेड़ा ब्लॉक) सुखबीर सिंह का बड़ा बेटा महेंद्र सिंह उर्फ हीरो संपत्ति से बेदखल किए जाने से काफी तिलमिलाया हुआ था। पुलिस को पूछताछ में मृत संतोष उर्फ संतो के छोटे बेटे गुड्डू और विवाहित बेटी पिंकी ने बताया कि भैया के चालचलन से घरवाले तो नाखुश थे ही, भाभी भी आए दिन किसी न किसी बात पर कलह किया करती थी। विवाहित बेटी के मायके आने पर वह अपनी सास पर छुपछुपाकर नगद या उपहार दिए जाने की आशंका जताते हुए भड़क उठती थी। विवाद या तनातनी कितनी भी गहरी क्यों ना रही हो, किसी को यह रत्ती भर भी आशंका नहीं थी बेटा इस तरह अपनी मां की जान लेगा।
पुलिस टीमें फरार हीरो की तलाश में सभी संभावित छुपने के ठिकाने तलाश रही है। आरंभिक पड़ताल में पुलिस ने पाया है कि वर्ष 2012 में एडीओ सुखबीर ने अपनी बेटी पिंकी का विवाह कर दिया था। उसके बाद वह कई मायके आई तो पारंपरिक तौर पर हर बार ससुराल के लिए विदा होते समय संतो अपने बिटिया को कुछ न कुछ गिफ्ट या नगद देती थीं। खुले तौर पर देने पर बहू की नाराजगी तो देखते हुए कई बार छुपछुपाकर दिया तो भी घर में कलह मचा। हीरो का चालचलन शादी बाद भी नहीं सुधरा और एक बार डपटे जाने पर उसने मां- बाप को जमकर पीटा था। उसी के बाद एडीओ ने उसे घर से निकालने के साथ ही विधिक तौर अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसमें संतो के भी पति का साथ देने पर बड़ा बेटा खासा गुस्से में था। एसपी बबलू कुमार ने कहा कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है और आरोपी बेटे की गिरफ्तारी पर अभी फोकस है।