शाहजहांपुर। थर्मामीटर का पारा उछलने के साथ जैसे-जैसे गर्मी का सितम बढ़ रहा है, शहर समेत जिले के पावर नेटवर्क में तकनीकी खराबियां भी बढ़ने लगी हैं। हालांकि शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का सरकारी दावा किया जा रहा है, लेकिन हाईटेंशन लाइनों के ओवरलोड होकर गर्म होने से जंपर जलने, तार टूटने, ट्रांसफार्मर के फ्यूज उड़ने जैसी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
दो दिन पहले रोजा में दस एमवीए का ट्रांसफार्मर जलकर नष्ट होने के बाद से वहां के फीडरों से जुड़े इलाकों की बिजली सप्लाई अभी सामान्य नहीं हो सकी है। इधर, शहर के अब्दुल्लागंज, ककराकलां, सरायकाइयां, निगोही रोड गदियाना आदि उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में सोमवार रात से ट्रिपिंग का सिलसिला शुरू हो गया। इस वजह से मंगलवार सुबह से शहर के कई इलाकों में बार-बार बत्ती गुल होती रही।
शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण करने के साथ 80 किमी हाईटेंशन लाइनों और 170 किमी लो-टेंशन लाइनों वाले बिजली नेटवर्क को उन्नत किया जा रहा है। शहर में कई नए उपकेंद्र स्थापित किए हैं, लेकिन शहर में कई मार्गों पर बिजली की 11 केवी और 440 वोल्ट क्षमता वाली हाईटेंशन लाइनों के ढीले तार पहले से खतरा बने हुए हैं। हालांकि, होली के मौके पर लाट साहब के जुलूस वाले मार्गों के किनारे बिजली लाइनों के नीचे लटकते ढीले तार कसे जा चुके हैं। सड़कों के किनारे खुले में रखे ट्रांसफार्मरों के चारों ओर जालियां लगाई गईं, लेकिन तेजी से बढ़ते तापमान के कारण लाइनें और ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं।
खंभों पर ज्यादा कनेक्शन बन रहे मुसीबत
शहर के घनी आबादी वाले मोहल्लों में बिजली के खंभों पर क्षमता से ज्यादा घरेलू कनेक्शन हैं। उन पर सर्विस केबल का जाल इस तरह बिछा है कि किसी घर की बत्ती गुल होने पर कनेक्शन धारक अपने केबल की जल्दी पहचान भी नहीं कर पाते। अगर किसी का घरेलू केबल जलता है तो आसपास के अन्य केबल भी जल उठते हैं। विद्युत निगम के अभियंताओं का कहना है कि 24 घंटे बिजली आपूर्ति होने से लाइनेें और ट्रांसफार्मर लगातार गर्म बने रहते हैं। रात मेें तापमान कम होने से बिजली नेटवर्क कामचलाऊ बना रहता है, लेकिन दिन में गर्मी बढ़ने पर करंट के ताप से विद्युत उपकेंद्रों के उपकरण खराब हो रहे हैं।
यहां के खंभों पर बहुतायत कनेक्शन
चौक, चारखंभा, केरूगंज, अंटा चौराहा, जेल रोड, खिरनीबाग, सदर बाजार चौराहा, टाउनहाल, तिलक पार्क तिराहा, पंखी चौराहा, बहादुरगंज, घंटाघर, सरोदी बंगला, कनौजिया तिराहा, ककरा कलां, लोहारों का चौराहा, विश्वकर्मा चौक, निगोही रोड गदियाना, ऐमनजई जलालनगर, लाला तेली बजरिया, हुसैनपुरा, हयातपुरा।
कई जगह टूटी ककरा की 33 केवी लाइन
ककरा कलां विद्युत उपकेंद्र के फीडरों पर पूरी रात ट्रिपिंग से औसतन हर घंटे बत्ती गुल होती रही। मंगलवार को सुबह लोगों ने दिनचर्या शुरू की, लेकिन सुबह आठ बजे से विभिन्न फीडरों की 11 केवी लाइनों के जंपर जलने लगे। दोपहर 1.30 बजे ओवरलोडिंग से बिजली उपकरण गर्म हुए तो विद्युत उपकेंद्र के यार्ड में तेज आवाज के साथ ब्रेकर फट गए।
नया ब्रेकर लगाए जाने के बावजूद बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो तकनीकी कर्मचारियों ने पेट्रोलिंग शुरू की। जांच करने पर पता चला कि निगोही रोड, शहबाजनगर और रेलवे लाइन आदि कई स्थानों पर उपकेंद्र की 33 केवी इनकमिंग लाइन के तार टूट गए हैं। लाइन की मरम्मत के बाद देर शाम करीब तीन घंटे बाद बिजली आपूर्ति सुचारू की गई, लेकिन ट्रिपिंग की समस्या जस की तस बरकरार रही।
रोजा में तीसरे दिन प्रभावित रही बिजली आपूर्ति
गत रविवार को रोजा बिजली उपकेंद्र के यार्ड में रखा दस एमवीए का ट्रांसफार्मर गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पाने से जल उठा। पहले से हीटअप हो चुके ट्रांसफार्मर के तेल ने आग पकड़ी तो लपटों को बुझाना कठिन हो गया। एक घंटे बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन करीब 70 लाख रुपये कीमत का ट्रांसफार्मर कबाड़ में बदल गया। चूूंकि, विभागीय भंडार गृह से नया ट्रांसफार्मर मंगलवार दोपहर को मिल सका।
इसलिए प्रभावित फीडरों को दूसरे ट्रांसफार्मर से जोड़कर काम चलाऊ बिजली दी जा रही है। इस कारण दूसरी लाइनेें भी ओवरलोडिंग की चपेट में आकर खराब हो रही हैं। सोमवार रात और मंगलवार सुबह से दोपहर बाद तक रोजा के मिश्रीपुर, रोजा टाउन, रोजा रेलवे फीडरों से जुड़े इलाकों के लोग विद्युत व्यवधान से परेशान रहे। क्षेत्रीय अवर अभियंता गुलशन कुमार के अनुसार नया ट्रांसफार्मर मिलते ही लगा दिया जाएगा।
बिजली लाइनों की नियमित देखभाल कराई जा रही है। होली पर लाटसाहब के जुलूस मार्गों की लाइनों को व्यवस्थित कराया जा चुका है, लेकिन अब गर्मी बढ़ने के कारण बिजली की लाइनें और उपकरण क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। रोजा में इसीलिए दस एमवीए का ट्रांसफार्मर जल गया। वहां नया ट्रांसफार्मर मंगा लिया गया है और उसे जल्द स्थापित करा दिया जाएगा ताकि बिजली आपूर्ति सामान्य हो सके। तेज हवा से लाइनों को शार्ट सर्किट से बचाने के लिए क्षेत्रीय अवर अभियंताओं को जरूरी दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। -प्रशांत गुप्ता, अधिशासी अभियंता (शहर), विद्युत निगम