शाहजहांपुर। ईरान और अमेरिका-इस्राइल में सुलह होने पर उद्यमियाें में आस जगी है। युद्ध के चलते केमिकल, प्लास्टिक के कच्चे माल समेत कई औद्योगिक सामग्री के दाम काफी बढ़ गए थे। इसके चलते उद्यमियों के कारोबार पर काफी फर्क पड़ा। युद्ध रुकने से दाम कम होने की संभावना है।
युद्ध के चलते घरेलू गैस सिलिंडर से लेकर घरेलू उपयोग में होने वाली वस्तुएं तक महंगी हो गईं। प्लास्टिक के उत्पादों पर महंगाई की सबसे ज्यादा आंच रही। बासमती चावल भी विदेशों में जाने के बजाय स्थानीय बाजार में खपाया जाने लगा। केमिकल महंगा होने से प्लाईवुड के कारोबार की रफ्तार सुस्त पड़ गई। सुलह होने से थोड़ी उम्मीद जगी है। उद्यमियों को उम्मीद है कि कारोबार पटरी पर लौट आएगा।
सुलह की अभी घोषणा हुई। इसे जमीनी स्तर पर आने में लगभग पांच महीने लग जाएंगे। कंपनी में बनने वाले शॉपिंग बैग के कच्चे माल के दाम आसमान छू रहे हैं। कारोबार मात्र 30 प्रतिशत रह गया है। इससे काफी दुश्वारियां आ रही हैं। उम्मीद है कि सुलह होने पर हालात में सुधार आएगा।
-हेमंत रोहरा, उद्यमी
प्लाईवुड में उपयोग होने वाले तमाम केमिकल महंगे हो गए हैं। प्लास्टिक का दाना तक नहीं आ पा रहा। उम्मीद है कि युद्ध थमने से कच्चे माल के दाम नीचे आएंगे। डीजल के रेट कम होने से भी मालभाड़ा भी कम होगा।
-अशोक अग्रवाल, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आईआईए
हेमंत रोहरा, उद्यमी