तिलहर। सीएचसी में इमरजेंसी ड्यूटी छोड़कर डॉक्टर अपने कक्ष में बैठे रहे। ऐसे में हादसे में घायल हुए दो लोग इलाज के लिए तड़पते रहे। घायलों के परिजनों ने सीएचसी प्रभारी डॉ. ओमेंद्र राठौर से शिकायत की तो इमरजेंसी ड्यूटी पर लौटे डॉक्टर ने घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
घायल होने के कारण सीएचसी में दर्द से कराहते मिले कल्यानपुर नवदिया निवासी पर्वत नाथ ने बताया कि वह सोमवार को दोपहर ट्रैक्टर ट्राॅली लेकर जा रहे थे। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर कछियानी खेड़ा के पास एक ट्रक ने पीछे से ट्रैक्टर-ट्रॉली में टक्कर मार दी।
वह और उनके साथ ट्रैक्टर पर बैठे परासिन गांव के लकड़ी ठेकेदार पवनेश गंभीर रूप से घायल हो गए। पर्वत नाथ का आरोप है कि सीएचसी की इमरजेंसी में पहुंचने के बाद भी डॉक्टर मौके पर नहीं मिले।
वह करीब 45 मिनट से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, कंपाउंडर ने घावों पर मरहम-पट्टी करने के बजाय केवल एक इंजेक्शन लगाकर इलाज की औपचारिकता पूरी की, लेकिन डॉक्टर नहीं आए।
इस दौरान वहां पहुंचे घायलों के परिजनों ने डॉक्टर पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी शिकायत सीएचसी प्रभारी से की। सीएचसी प्रभारी के निर्देश पर डॉक्टर इमरजेंसी ड्यूटी पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने उपचार किए बगैर दोनों गंभीर घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
सीएचसी प्रभारी का कहना है कि तीमारदारों से सूचना मिलने पर उन्होंने इमरजेंसी ड्यूटी के डॉक्टर को तत्काल मरीजों को उपचार देने के लिए भेज दिया था। ड्यूटी के दौरान डॉक्टर के मौजूद नहीं रहने के बारे में जांच कराई जाएगी।