निगोही थाने के सामने विवादित जमीन की पैमाइश के लिए पहुंची टीम। स्रोत : जागरूक पाठक
- फोटो : रामगढ़ थाना पुलिस द्वारा मुठभेड़ में गिरफ्तार ऑटो लूट के आरोपी को अस्पताल लेकर जाते पुलिस कर्मी।
निगोही। थाने के सामने पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा के भवन के पास विवादित जमीन को लेकर उच्च न्यायालय के आदेश पर सक्रिय हुए राजस्वकर्मियों ने शुक्रवार को नायब तहसीलदार पूनम मधुकर के नेतृत्व में एक बार फिर जमीन की पैमाइश की। पूर्व विधायक की मौजूदगी में कर्मचारियों ने सड़क के दोनों ओर की पटरी की नाप की।
इससे पहले, गत बुधवार को भी विवादित जमीन की पैमाइश की गई थी, लेकिन उसमें कुछ खामियां पाए जाने पर एसडीएम तिलहर सदानंद सरोज के निर्देश पर राजस्व कर्मचारी मामले में पक्षकार पूर्व विधायक को साथ में लेकर शुक्रवार को दोपहर फिर मौके पर पहुंचे। इस जमीन पर स्वामित्व को लेकर पिछले चार साल से पूर्व विधायक का पुलिस के साथ विवाद चल रहा है।
करीब तीन माह पूर्व पुलिस ने जमीन अपनी बताते हुए उसका राजस्वकर्मियों से सीमांकन कराया था। वहां कंक्रीट के पिलर पर तार लगाकर वहां कबाड़ वाहन खड़े कर दिए गए। पूर्व विधायक ने अपना पक्ष सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने रखा। बाद में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर जांच करके यह मुद्दा विधान परिषद में भी उठाया था।
इसके बावजूद कोई राहत नहीं मिलने पर पूर्व विधायक ने उच्च न्यायालय में वाद दायर कर दिया। पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा के अनुसार उन्हें मौके पर बुलाया गया, लेकिन उनके सामने पैमाइश नहीं की गई। एसडीएम के अनुसार उन्हें अब भी पैमाइश की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
विवादित जमीन पर कर रहे पूर्व विधायक और पुलिस दावा
निगोही थाने की जिस जमीन पर पूर्व विधायक अपना हक जता रहे हैं, उसे पुलिस अपना बता रही है। रोशनलाल ने पूरे मुद्दे से सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी अवगत कराया था। पूर्व विधायक ने बताया था कि यह जमीन उनकी पुत्रवधू की है। अगस्त 2025 को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव के नेतृत्व में सपा के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने निगोही पहुंचकर जांच की थी। रोशनलाल वर्मा ने आरोप लगाया था कि उनकी पुत्रवधू की जमीन पर तार खिंचवाकर पुलिस अपना बताने लगी है। उस पर कबाड़ वाहन खड़े कर दिए। संवाद