लुकटहा में लगी भीषण आग में सोमवार को झुलसी पांच वर्षीय बच्ची राजरानी पुत्री किशनपाल की मंगलवार सुबह गांव में ही मौत हो गई। खुटार सीएचसी के डाक्टरों की टीम ने गांव में ही पहुंचकर उसका इलाज किया था और हालत ठीक बताई थी। बच्ची को जिला अस्पताल में पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई गई और मंगलवार सुबह हालत बिगड़ने पर जब तक उसे डाक्टर के पास ले जाते, उसकी मौत हो गई। बताते चलें, गांव में लगी भीषण आग में 113 जलकर राख हो गए जबकि घरों में रखे सामान के साथ 10 भैंसे, सौ से अधिक बकरियां, पांच सौ अधिक मुर्गे-मुर्गियां जल कर मर गए थे। आग मंगलवार को भी सुलगती रही। फायर ब्रिगेड की टीम ने गांव के लोगों की मदद से आग पर मुश्किल से काबू पाया। सोमवार को आग लगने पर राजरानी कमरे में छिप गई थी। धुएं के कारण दम घुटने से वह कमरे में ही बेहोश हो गई थी और झुलस गई थी। लोगों ने किसी तरह उसे कमरे से बाहर निकाला था। खुटार सीएचसी के सरकारी अस्पताल से पहुंचे डॉक्टरों ने सोमवार शाम राजरानी का इलाज किया और उसे पूरी तरह ठीक बताया। मंगलवार सुबह चार बजे राजरानी का हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। इससे घर में कोहराम मच गया।
सूचना पाकर खुटार एसओ जसवीर सिंह ने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी और राजरानी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। उधर, कंडे के बठ्रिए, लकड़ी, घूरे आदि में दूसरे दिन भी आग सुलगती रही। गांव के लोग लगातार आग बुझाने में जुटे रहे। एसडीएम सलिल कुमार पटेल, सीओ उमेश शर्मा, एसओ जसवीर सिंह गांव में रहे और अग्निकांड पीड़ितों के लिए राशन, कपड़े आदि लेकर पहुंचे समाजसेवियों की राहत सामग्री को अपनी देखरेख में बंटवाया।
राजरानी के परिवार को चार लाख की सहायता
खुटार। एसडीएम सलिल कुमार पटेल ने बताया कि अग्निकांड में मरी राजरानी के परिवार को चार लाख रुपए की सहायता का चेक विधायक शकुंतला देवी ने प्रदान किया। इस दौरान रामप्रकाश मिश्रा, सुधीर शुक्ला, रवि मिश्रा, जगदीश वर्मा आदि मौजूद रहे। इसके अलावा प्रत्येक जले घर को आर्थिक मदद के रूप में 32 सौ रुपये, छप्पर जलने वाले घरों को 41 सौ रुपये और गृहस्थी का सामान जलने वाले घर के मुखिया को ढाई हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
अब कैसे पीले होंगे बिटिया के हाथ
गांव लुकटहा के दस घरों में अप्रैल माह में शादी थी, परिवार के लोगों ने बारात के स्वागत सत्कार के लिए सामग्री और दहेज में देने के लिए बेड, कुर्सियां, बर्तन आदि सामान खरीदकर रख लिया था, लेकिन आग ने सब कुछ जलाकर राख कर दिया। बिटिया की शादी का सामान जल जाने से परिवार वालों के माथों पर चिंता की लकीरें हैं। उनके सामने एक ही सवाल है कि बिटिया के हाथ कैसे पीले होंगे।
गांव के कल्लू की पुत्री रोशनी की बारात 17 अप्रैल को पीलीभीत के महादेव, जयपाल की पुत्री ममता की बारात गोला के गांव छिदोना से, सोबरन लाल की पुत्री रोहिनी की बारात 25 अप्रैल को खीरी के नीमगांव से, रामपा की पुत्री रोहिणी की बारात 23 अप्रैल को पीलीभीत के गांव महादेव से, रोशन लाल की पुत्री मैनादेवी की बारात 16 अप्रैल को, संतोष की पुत्री अनु की बारात बिलबुझिया से, ज्ञान की पुत्री मीरा की बारात रानीगंज से 19 अप्रैल को आनी है। रामपाल के पुत्र राजू की बारात 28 अप्रैल को, सत्यपाल के पुत्र प्रमोद की बारात, गुड्डू के पुत्र डालचंद्र की बारात 23 अप्रैल को जानी है। सोमवार को लगी आग से नगदी, जेवर, घरेलू सामान आदि जलकर राख हो जाने से शादी की तैयारी कर चुके लोग बेहद परेशान हैं।