खुटार के गांव सिमरा वीरान स्थित राजकीय गोसदन में शुक्रवार को एक गाय की बीमारी के चलते मौत हो गई। तीन बीमार गायें तेज धूप में खुले में पड़ी तड़प रही हैं। एसडीएम, डीएम और ससंदीय कार्य मंत्री के गोसदन का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देशों का संबंधित अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ है।
सिमरा वीरान में 383 एकड़ जमीन पर राजकीय गोसदन बना है। गोसदन के बैंक और डाकघर के खाते में लाखोें की रकम भी जमा है, लेकिन इसके बाद भी यहां पल रहीं गायें भगवान भरोसे हैं। गायों के लिए हरा चारा तो दूर ठीक से सूखा भूसा तक उपलब्ध नहीं हो पाता है। अमर उजाला ने गोसदन की दुर्दशा पर विस्तृत खबर प्रकाशित की थी। 26 मार्च को यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा था। मामले के तूल पकड़ने पर एसडीएम अजय तिवारी ने तीन अप्रैल, डीएम कर्ण सिंह चौहान ने चार अप्रैल और संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने नौ अप्रैल को गोसदन का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सही करने के निर्देश दिए थे।
कुछ अधिकारियों के लिए गोसदन कामधेनु बन चुका है, लेकिन वह गायों के लिए कोई भी निर्देश मानने को तैयार नहीं हैं औैर मनमानी करने पर लगे हुए हैं। यही कारण है कि फटकार और कार्रवाई की चेतावनी के बाद भी गोसदन की व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ है। शुक्रवार को एक बीमार गाय ने गोसदन में तड़पते हुए दम तोड़ दिया, जबकि एक गाय अंतिम घड़ियां गिन रही है। तीन अन्य गायें कई दिन से बीमार हैं। गाय की मौत की जानकारी पाकर भाजयुमो के खुटार ब्लाक अध्यक्ष सचिन कुमार अपने साथी शैलेश श्रीवास्तव के साथ गोसदन पहुंचे। वहां मिले चौकीदार नेतराम ने बताया कि गोसदन के डॉक्टर दो दिन से नहीं आए हैं। मौके पर एक गाय भी मरी मिली। नेतराम ने बताया कि शुक्रवार को गाय की मौत हुई है। गोसदन में कई गायें तेज धूप में खुले मैदान में पड़ी थीं। सचिन ने मामले की जानकारी डीएम को दी तो कुछ देर बाद उनके पास मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) का फोन पहुंचा। सीवीओ ने बताया कि बृहस्पतिवार को एक गाय की मौत हुई थी। उसे दफना दिया गया था। सीवीओ को बताया कि गोसदन में शुक्रवार को भी एक गाय मरी है। उसका शव गोसदन में ही पड़ा हैै। एक गाय तड़प रही है। इस पर सीवीओ ने किसी को मौके पर भेजने की बात कहते हुए फोन काट दिया। उधर, गोसदन के पशुधन प्रसार अधिकारी विवेक शुक्ला ने बताया कि वह अपनी दवा लेने बरेली गए हैं। गाय की मौत की जानकारी उन्हें नहीं है।
डीएम की फटकार के बाद पहुंचे फार्मासिस्ट
जिलाधिकारी को पूरे मामले से अवगत कराने के बाद उन्होंने गोसदन के अधिकारियों को लाइन पर लिया तो खुटार पशु अस्पताल से फार्मासिस्ट मनोज कुमार गोसदन पहुंचे और बीमार गायों का इलाज शुरू किया।