शाहजहांपुर। दुष्कर्म के दोषी आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत न मिलने पर पीड़िता के पिता ने संतोष जाहिर किया। उनका कहना है कि राजस्थान सरकार बनाम आसाराम केस है, लेकिन सरकार ने अब तक सरकारी वकील ही खड़ा नहीं किया। वह व्यक्तिगत तौर पर केस लड़ रहे हैं। जमानत के लिए आसाराम ड्रामेबाजी करता है।
शाहजहांपुर की रहने वाली बिटिया से दुष्कर्म के केस में आसाराम को उम्रकैद की सजा हुई है। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को आसाराम केस में सुनवाई हुई। इस बीच बिटिया के पिता भी मौजूद रहे। उनकी तरफ से अधिवक्ता शारदा देशमुख ने जिरह की। दोनों ओर से वकीलों ने अपना पक्ष रखा।
बिटिया के पिता के अनुसार, आसाराम के वकील ने जमानत की मांग रखी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मानने से इन्कार कर दिया। उसके लिए अगले सप्ताह की तारीख लगाई है। पीड़िता के पिता ने बताया कि संभावना है कि अगली तारीख में सरकार की ओर से वकील मिल जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि आसाराम बीमारी का बहाना बनाकर जमानत की अर्जी देता है। जमानत होने के बाद आश्रमों में घूमता है। मंदिरों में जाता है।
उसके चेले भी आसाराम के पहुंचने से पहले ही सोशल मीडिया के जरिये मेसेज वायरल कर देते हैं, जिससे लोग पहुंच जाते है। बताया कि जेल में आने पर बीमारी की बात कहने लगता है। बाहर होने पर कोई बीमारी नहीं होती है।