पोस्टमाॅर्टम हाउस पर घटना की जानकारी देते मृतक बबिता के पिता सुखवीर। संवाद
शाहजहांपुर। कांट के मरैया गांव निवासी शिक्षामित्र सुखवीर सिंह की 18 वर्षीय बेटी बबिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव दूसरी मंजिल पर स्थित कमरे में फंदे से लटका मिला। मृतका के मौसा ने पुलिस को सूचना देते हुए मौत का कारण जानने के लिए पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की। तब पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
शिक्षामित्र सुखवीर सिंह ने बताया कि पहली पत्नी सावित्री व दूसरी पत्नी वसुधा से तीन-तीन बच्चे हैं। जब बेटी बबिता की उम्र तकरीबन नौ माह थी, तभी उसकी मां सावित्री की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। छोटे बच्चों की परवरिश के चलते दूसरी शादी की। परिवार में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं थी। बुधवार की दोपहर बेटी ने परिवार के लोगों के साथ बैठकर खाना खाया और इसके बाद छत पर चली गई। वह खेत पर गेहूं देखने के लिए चला गया।
दिन में ढाई-तीन बजे के बीच बेटी ने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। इस दौरान छत पर गई छोटी बेटी नेहा, बेटी बबिता को फंदे से लटका देख चीख पड़ी। उसकी चीख-पुकार पर परिवार के लोग छत पर गए और बेटी को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिवार के लोग बेटी के शव को लेकर पैतृक गांव हातिमपुर खेड़ा जा रहे थे। इस बीच मदनापुर निवासी बेटी के मौसा विश्राम ने पुलिस को सूचना दे दी।
इसके बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया। सुखवीर सिंह ने बताया कि परिवार में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं थी। बेटी के लिए रिश्ता देख रहे थे। उसने ऐसा क्यों किया, कोई जानकारी नहीं है। इंस्पेक्टर राकेश मौर्या ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमाॅर्टम हाउस पर घटना की जानकारी देते मृतक बबिता के पिता सुखवीर। संवाद