स्टोर इंचार्ज ने दी यह दलील
भागने के बाद भी उन लोगों ने राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य या किसी जिम्मेदार व्यक्ति को यह बताने की जरूरत नहीं समझी कि क्लोरीन का रिसाव हुआ है। जबकि सैकड़ों लोग घंटों दहशत में रहे। बाद में जब सीसीटीवी फुटेज से हकीकत सामने आ गई तो फुटेज में नजर आ रहे स्टोर इंचार्ज सुभाष कनौजिया ने कबाड़ ठेकेदार के कर्मचारियों से सिलिंडर की चूड़ी कसवाने की बात कही।
सवाल यह खड़ा हो रहा है कि अगर चूड़ी कसवाने के दौरान रिसाव हुआ तो इस बारे में इतना हड़कंप मचने के बाद भी अधिकारियों को क्यों नहीं बताया गया। अधिकारियों के अनुसार, सही जानकारी देने पर डॉक्टर क्लोरिन गैस के असर को कम करने का प्रयास करते, लेकिन किसी को सही जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, सिलिंडर काटने वाले चार मजदूर कोतवाली पुलिस की हिरासत में हैं।
माना जा रहा है कि सिलिंडर चोरी से बेचा जा रहा था। इसी वजह से किसी अधिकारी को सही बात नहीं बताई गई। मामला निपट भी जाता लेकिन सीसीटीवी फुटेज से हकीकत सामने आ गई। माना जा रहा है कि अस्पताल के कुछ कर्मचारी भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। साथ ही कबाड़ बिक्री की भी जांच हो सकती है।