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Vat Savitri Vrat: ज्येष्ठ अमावस्या पर सुहागिनों ने रखा व्रत, वट वृक्ष की पूजा कर पति की दीघार्यु की कामना

Mon, 26 May 2025 06:14 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर / बदायूं / लखीमपुर खीरी

सार

ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर वट सावित्री व्रत धूमधाम से मनाया गया। शुभ मुहूर्त में सुहागिन महिलाओं ने विधि-विधान से वट वृक्ष की पूजा की। वट सावित्री की कथा सुनी। इसके बाद सुहागिनों ने पति की दीर्घायु और परिवार के कल्याण की कामना की।
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वट वृक्ष की पूजा करतीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शाहजहांपुर में ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर सोमवार को सुहागिन महिलाओं ने वट पूजा कर अपने पति की लंबी उम्र की कामना की। सुबह से ही व्रती महिलाएं वट वृक्ष का विधि-विधान से पूजन करने लगीं थीं। मान्यता है कि आज के दिन वट वृक्ष की पूजा करने से पति को दीर्घायु प्राप्त होती है। 

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कटिया टोला में साईं मंदिर के सामने, ओसीएफ मंदिर, बाबा विश्वनाथ मंदिर, बाबा बनखंडी नाथ मंदिर, इंदिरा नगर कॉलोनी स्थित ऋषि आश्रम, चौक मंडी के दुर्गा माता मंदिर पर वट वृक्ष की पूजा के लिए सोमवार को सुहागिनों की भीड़ उमड़ीं। महिलाओं ने व्रत कर पूजन किया और प्रसाद चढ़ाया। कई महिलाओं ने घर पर ही बरगद के पेड़ की टहनी का पूजन किया। 

महिलाओं ने सावित्री और सत्यवान की कथा भी सुनी। महिलाओं ने हलवा-पूड़ी, गुड़, चना, आटे से बनी मिठाई, कुमकुम, रोली, पांच प्रकार के फल, पान का पत्ता, धूप, घी का दीया और जल वट वृक्ष की जड़ों पर अर्पित किया। वट वृक्ष के तने पर कलावा और कच्चे सूत का धागा लपेटकर उसके फेरे लगाए। इस दौरान खरबूजा, बैंगन, चूड़ी, कपड़े आदि दान किया।

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बदायूं में वट वृक्ष की पूजा करतीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
बदायूं में विधि-विधान से की वट पूजा 
बदायूं जिले में सुहागिनों ने विधि-विधान से पूजा अर्चना कर वट सावित्री का पर्व मनाया। वट सावित्री की कथा सुनी। इसके बाद सुहागिनों ने पति की दीर्घायु और परिवार के कल्याण की कामना की। धार्मिक परंपरा के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर मनाए जाने वाले इस पर्व की महिलाओं ने सोमवार को सुबह से ही तैयारी शुरू कर दी।

घर-आंगन की सफाई और धुलाई के बाद स्नान कर सोलह श्रृंगार के साथ सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष के समीप पहुंची। यहां दीपक जलाकर और रोली-चावल फूल आदि से बरगद की पूजा की। परंपरा के अनुसार वट वृक्ष पर लाल रंग का कपड़ा लपेटा और सूत के धागे के साथ परिक्रमा की। पूजन और परिक्रमा के साथ वट सावित्री की कथा सुनी।
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लखीमपुर में वट वृक्ष की पूजा करतीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर खीरी में दिखा उल्लास 
लखीमपुर खीरी में वट सावित्री व्रत को लेकर महिलाओं में उल्लास दिखा। सुहागिन महिलाएं शहर के भुईफोरवानाथ मंदिर, जंगलीनाथ मंदिर, आवास विकास कॉलोनी, लोक निर्माण विभाग के पास, ऋषि आश्रम आदि जगहों पर पहुंचीं और वट वृक्ष की पूजा की। ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर सोमवार को वट सावित्री व्रत रखकर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु के लिए कामना की। सुहागिन महिलाएं शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित वट वृक्ष के नीचे एकत्रित हुईं और विधिवत पूजा की। 

पूजा के दौरान सबसे पहले वट वृक्ष को हल्दी का लेप लगाया, फिर पीला धागा को लपेटते हुए सात बार परिक्रमा की। इसके बाद जल चढ़ाया। पूजा करने के बाद महिलाओं ने व्रत खोला। देवकली तीर्थ के महंत आचार्य प्रमोद ने बताया कि मान्यता के अनुसार वट सावित्री व्रत को रखने से परिवार के लोगों को सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है और वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं। बहुत से लोग ये भी मानते हैं कि इस व्रत का महत्व करवा चौथ के जितना होता है।

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