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रुलाकर चला गया सबको हंसाने वाला

Tue, 19 May 2015 11:59 PM IST
पुवायां।
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चर्चित हास्य कवि चरनजीत सिंह ‘दारूवाला’ का सोमवार रात निधन हो गया। वह कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन पर तमाम साहित्यकारों और उनके प्रशंसकों ने दुख जताया है।
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भारत-पाकिस्तान बंटवारे के समय भारत आए सरदार मल्लाह सिंह के पुत्र चरनजीत सिंह ने किशोरावस्था से ही हास्य-व्यंग्य की कविताओं के माध्यम से एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने देश के नामचीन कवियों डॉ. विष्णु सक्सेना, कुंवर जावेद, डॉ. हरिओम पवार, डॉ. सर्वेश अस्थाना, डॉ. अरुण जैमनी, विनीत चौहान, सांड बनारसी, सुरेंद्र सुकुमार, दामोदर स्वरूप विद्रोही, राजबहादुर विकल आदि के साथ अनेक बार मंच साझा किए। उनकी कविताएं हास्य के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों और विषमताओं पर गहरी चोट करती थी। कन्या भ्रूण हत्या पर उनकी यह कविता काफी चर्चित रही -
कन्या भ्रूण हत्या यदि रुकी नहीं देश में तो,
लिंग अनुपात के स्तंभ गिर जाएंगे।
दुल्हन चिराग लेकर ढूंढे से मिलेगी नहीं,
लाखों खानदानों के चिराग बुझ जाएंगे।।
इसके अलावा होली खेली मुसीबत मोल ले ली, कश्मीर समस्या, दहेज, विधवा पेंशन पर उनकी लिखी हास्य कविताएं बेहद पसंद की गईं। शराब पर लिखी एक कविता तो इतनी पसंद की गई कि लोगों ने उन्हें ‘दारूवाला’ उपनाम दे दिया। वह पुवायां की शिक्षा के प्रति समर्पित संस्था विद्या परिषद, पुवायां इंटर कॉलेज और पुवायां पब्लिक स्कूल प्रबंध समिति के सदस्य भी थे। ‘दारूवाला’ के निधन का समाचार मिलते ही पुवायां और देश के नामचीन कवियों में शोक की लहर दौड़ गई। तमाम लोग उनके पुवायां स्थित आवास पर पहुंचे और परिवार के लोगों को सांत्वना दी।
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कई संगठनों ने जताया शोक
पुवायां। मां ज्वाला जी जागरण सेवा समिति के अध्यक्ष राजा नंदा, पंकज सर्राफ, विनायक अग्रवाल, पीयूष गुप्ता, साहित्यिक संस्था सृजन के पदाधिकारियों, संजीव मेहरोत्रा, वकील सुशील कुमार लल्ला, ओमपाल सिंह यादव, केएन सिंह, अनूप कंचन, मनोज पटेल, भाजपा नेता गंगाराम मिश्रा, पूर्व ब्लाक प्रमुख उमा देवी, राजस्थान के कवि अनिल अनवर, सोनभद्र के जितेंद्र जौहर, शाहजहांपुर के  इंदु अजनबी, दिनेश रस्तोगी, संडीला के देवेंद्र सिंह चौहान, खीरी के राहुल दीक्षित, अरुण सक्सेना, विजय तन्हा, अनूप मिश्रा, डॉ. रामबाबू शुक्ला, अरविंद प्रियदर्शी, आरएल श्रीवास, मानवेंद्र सिंह, रामप्रताप वियोगी, संदीप गुप्ता, राजेश नीलम गुप्ता,  संजय अकेला, अमरजीत सिंह, आशीष देव, तेजपाल जोशी, प्रदीप वैरागी आदि ने दारूवाला के निधन को साहित्य जगत की अपूर्णनीय क्षति बताया है।

खुटार के राजा विजय
शाह ने भी जताया शोक
खुटार। पुवायां के मशहूर हास्य कवि चरनजीत सिंह दास्वाला के निधन पर खुटार के राजा विजय शाह जू देव ने भी शोक जताया है। उन्होंने कहा कि दारूवाला के निधन से साहित्य जगत को महान क्षति हुई है। वह देश के प्रसिद्ध हास्य कवि थे। हास्य के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करने में उनकी कोई सानी नहीं थी। खीरी के कवि सतीशचंद्र शुक्ल, अरविंद कुमार अरविंद, हरदोई के श्रीकांत सिंह, सीतापुर के कमलेश मौर्य, अमरेंद्र चौहान आदि ने भी दारूवाला के निधन पर दुख जताया है। केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संतोष वर्मा, पुवायां के अध्यक्ष पवन मिश्रा, अरुण सिंह, हरद्वारीलाल यादव, वकील अहमद, संजय वर्मा, विरासत अली आदि ने भी दारूवाला के निधन पर शोक जताया है।
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